भंडारा के बैंकों का 'रिपोर्ट कार्ड': सेंट्रल बैंक 128% के साथ 'टॉपर', यूको बैंक 15% पर फेल!

District Cooperative Bank Bhandara: भंडारा जिले में 78% फसल ऋण का वितरण। सेंट्रल बैंक 128% के साथ अव्वल, यूको बैंक फिसड्डी। सहकारी बैंकों का दबदबा बरकरार। पूरी रिपोर्ट।
Bhandara district achieves 78% of crop loan target for 2025-26. Central Bank leads with 128%, while UCO Bank lags at 15%. Read full analysis.
भंडारा बैंक (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Central Bank of India Performance: भंडारा जिले में खेती-किसानी के आधार स्तंभ माने जाने वाले फसल ऋण वितरण की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि बैंकों ने 97,623 लाख रुपये के कुल लक्ष्य के मुकाबले अब तक 69,815 लाख रुपये का वितरण किया है। इसमें खरीफ सीजन के दौरान तो बैंकों ने उत्साह दिखाया, लेकिन रबी सीजन के लक्ष्य को पाने में कई बैंक पिछड़ते नजर आ रहे हैं।

आंकड़ों के अनुसार खरीफ सीजन के लिए 76,033 लाख रुपये का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 85 प्रतिशत यानी 64,817 लाख रुपये का वितरण 94,447 किसान खातों के माध्यम से किया जा चुका है। इसके विपरीत, रबी सीजन के लिए तय 13,457 लाख रुपये के लक्ष्य के मुकाबले महज 37 प्रतिशत यानी 4,998 लाख रुपये ही बांटे गए हैं। रबी सीजन में बैंकों की यह उदासीनता किसानों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।

जिले की कृषि साख व्यवस्था में जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक (डीसीसीबी) का योगदान सबसे बड़ा रहा है। इस बैंक ने 57,012 लाख रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 45,381 लाख रुपये का वितरण कर 80 प्रतिशत का आंकड़ा छू लिया है। ग्रामीण इलाकों में किसानों का इस बैंक पर भरोसा और बैंक की व्यापक पहुंच ही इस सफलता का मुख्य कारण है। वहीं महाराष्ट्र ग्रामीण बैंक ने भी 78 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर अपनी सक्रियता दर्ज कराई है।

  • खरीफ सीजन की उपलब्धि : 64,817 लाख रुपये
  • रबी सीजन की उपलब्धि : 4,998 लाख रुपये
  • सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन : सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (128%)
  • सबसे कम प्रदर्शन : यूको बैंक (15%)

राष्ट्रीयकृत बैंकों में मिला-जुला प्रदर्शन

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की बात करें तो सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने अपने लक्ष्य से अधिक 128 प्रतिशत (1,276 लाख रुपये) कर्ज बांटकर सबको पीछे छोड़ दिया है। बैंक ऑफ इंडिया ने 78 प्रतिशत और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने 64 प्रतिशत का लक्ष्य हासिल किया है। हालांकि, यूको बैंक (15%) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (34%) का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। निजी क्षेत्र के बैंकों में एचडीएफसी (87%) और आईसीआईसीआई बैंक ने अच्छी सक्रियता दिखाई है।

वसूली और लक्ष्य की चुनौती

वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब केवल चार दिन शेष बचे हैं। ऐसे में बैंकों के सामने शेष 22 प्रतिशत कर्ज वितरण के लक्ष्य को पूरा करने के साथ-साथ वितरित किए गए कर्ज की वसूली करना भी एक बड़ी चुनौती है। जिन बैंकों ने अब तक 50 प्रतिशत से कम वितरण किया है, उन्हें प्रशासन ने अपनी गति बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए हैं।

जिला फसल ऋण स्थिति (फरवरी 2026 तक)

बैंक समूह लक्ष्य (लाख ₹) वास्तविक वितरण (लाख ₹) उपलब्धि (%)
सहकारी बैंक (DCCB) 57,012 45,381 80%
महाराष्ट्र ग्रामीण बैंक 4,576 3,575 78%
निजी क्षेत्र के बैंक 5,213 3,989 77%
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक 22,689 16,870 74%
कुल योग 97,623 69,815 78%
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