Bhandara farm road (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)  
भंडारा

भंडारा में खेत सड़क अभियान बना किसानों के लिए वरदान, 17 रास्ते अतिक्रमण मुक्त

Bhandara Farm Road Campaign News: भंडारा जिले में किसानों को राहत देने के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज महाराजस्व अभियान के तहत खेत सड़क अभियान प्रभावी ढंग से चलाया जा रहा है।

महाराष्ट्र डेस्क

Bhandara Farmers Relief News: ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों तक जाने वाले रास्तों को अतिक्रमण मुक्त और सुगम बनाकर किसानों को बड़ी राहत देने के लिए भंडारा जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज महाराजस्व अभियान के तहत खेत सड़क अभियान बेहद प्रभावी ढंग से चलाया जा रहा है।

जिले के सभी 7 तहसीलों के 898 गांवों में से 854 गांवों में 29 अगस्त 2025 के शासनादेश के मुताबिक खेत सड़कों की सूची को अंतिम रूप दे दिया गया है। मातोश्री ग्राम समृद्धि खेत सड़क योजना के माध्यम से मनरेगा के तहत इन सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। प्रशासन ने जिले में कुल 5,153 खेत सड़कों को विकसित और मरम्मत करने का लक्ष्य रखा है।

भंडारा में रोवर मशीन से हटाए जा रहे अतिक्रमण

वर्षों से रखरखाव के अभाव में जर्जर हो चुकीं और अवैध कब्जों के कारण संकरी हो चुकी सड़कों को ढूंढने के लिए प्रशासन रोवर मशीन का इस्तेमाल कर रहा है। इसके जरिए पारदर्शी गिनती और सड़कों का पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है। जिले में कुल 44 खेत सड़कें ऐसी थीं जिन पर अतिक्रमण पाया गया था, जिनमें से 17 सड़कों को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया है। भौगोलिक स्थिति और रिकॉर्डजिले के कुल 188 गांवों में से 27 गांव रिठी है। पवनी तहसील के 21 गांव रिठी हैं और 5 गांव गोसीखुर्द बांध के डूब क्षेत्र में आ चुके हैं। इसके अलावा तुमसर के 8, मोहाडी के 9, लाखनी के 10 और लाखांदूर तहसील के 7 गांव रिठी है।  लाखांदूर तहसील में 62 ग्राम पंचायतें कार्यरत हैं, जबकि साकोली के 2 गांव विरावण हैं जहां खेती नहीं होती है।

नापजोख कर अतिक्रमण हटाए

भंडारा रोगायो उपजिलाधिकारी प्रशांत पडघन ने कहा कि अभियान बेहद महत्वपूर्ण किसानों की इस पुरानी और लंबित समस्या को हल करने के लिए यह अभियान बेहद महत्वपूर्ण है। मनरेगा के तहत इन सड़कों पर गिट्टीकरण और मुरूमीकरण का काम किया जा रहा है। रोवर मशीन की मदद से पूरी पारदर्शिता के साथ नापजोख कर अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं।

किसानों को होगी सहूलियत

किसान रमेश गिरहेपुंजे ने कहा कि बरसात के दिनों में कीचड़ के कारण खेतों के रास्ते पूरी तरह बंद हो जाते थे। अब प्रशासन ने हमारे खेत रास्ते को निश्चित कर उसे एक यूनिक कोड दिया है। इस सड़क का काम पूरा होने से हम किसानों को बहुत बड़ी सहूलियत मिलेगी।

अब खेत तक पहुंचना आसान

किसान विलास सुखदेवे ने कहा कि हमारे इलाके में अतिक्रमण की वजह से थ्रेशर खेत तक ले जाना नामुमकिन हो गया था। राजस्व विभाग ने रोवर मशीन से नापजोख कर रास्ता खाली करवा दिया है, जिससे अब खाद और बीज सीधे खेत तक पहुंचाना बेहद आसान हो गया है।

तहसील कुल गांव सूची में शामिल गांव खेत सड़कें सीमांकन पूर्ण रिकॉर्ड में दर्ज विशिष्ट सांकेतांक
भंडारा 188 181 969 563 969 563
पवनी 162 157 792 379 772 772
तुमसर 151 151 903 139 22 22
मोहाडी 108 108 690 451 690 690
साकोली 96 94 462 462 462 462
लाखनी 104 94 464 417 464 464
लाखांदूर 89 89 893 893 318 893

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