ग्राम पंचायत उपचुनावों के नतीजे घोषित (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया) 
भंडारा

भंडारा: 63 ग्राम पंचायत उपचुनावों के नतीजे घोषित; 13 सरपंच और 40 सदस्यों की जीत के साथ समर्थकों ने मनाया जश्न

Bhandara News: भंडारा जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में रिक्त सरपंच और सदस्य पदों के लिए हुए उपचुनाव के नतीजे बुधवार को घोषित हुए। मतदाताओं ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया और समर्थकों ने जीत का जश्न मनाया।

रूपम सिंह

Bhandara By-Election 2026: भंडारा जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में रिक्त सरपंच और सदस्य पदों के लिए मंगलवार को हुए उपचुनाव के परिणाम बुधवार को घोषित कर दिए गए। हालांकि यह चुनाव प्रत्यक्ष रूप से राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्नों पर नहीं लड़ा गया था, लेकिन स्थानीय स्तर पर विभिन्न राजनीतिक गुटों ने अपनी जीत के बड़े दावे किए हैं।

भीषण गर्मी के बावजूद मतदाताओं ने इस चुनाव में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया और भारी उत्साह दिखाया। 13 गांवों में सरपंच पद के लिए रही कड़ी टक्करजिले की 63 ग्राम पंचायतों की कुल 73 सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू की गई थी। इनमें से 21 सीटों पर निर्विरोध चयन होने के कारण वास्तव में 53 सीटों के लिए मतदान हुआ, जिसमें 87 उम्मीदवार मैदान में थे। विशेष रूप से 13 गांवों में सीधे सरपंच पद के लिए चुनाव होने के कारण वहां का राजनीतिक माहौल काफी गर्माया रहा।

बुधवार सुबह 8 बजे जैसे ही भंडारा मतगणना शुरू हुई, नतीजों का इंतजार कर रहे लोगों की मतगणना केंद्रों के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। अड्याल और परसोडी में रही प्रतिष्ठा की लड़ाईअड्याल में रिक्त 4 सीटों के लिए उपचुनाव हुआ, जहां सरपंच शिवशंकर मुनगाटे और उपसरपंच शंकर मानापुरे की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। वहीं परसोडी में सीधे जनता के माध्यम से सरपंच चुना जाना था, इसलिए इस सीट पर पूरे जिले की निगाहें टिकी थीं।

राजेदहेगांव में दो सदस्य पदों के लिए चुनाव होना था, जिनमें से एक सीट पर अनुसूचित जाति महिला वर्ग से निर्विरोध निर्वाचन हुआ। विजयी गुलाल और समर्थकों का उत्साहनतीजों की घोषणा होते ही विजयी उम्मीदवारों के समर्थकों ने ढोलनगाड़ों और गुलाल उड़ाकर अपनी खुशी का इजहार किया। कई स्थानों पर जीत की आधिकारिक घोषणा होते ही जमकर आतिशबाजी की गई। दूसरी ओर, हारने वाले उम्मीदवारों के खेमे में मायूसी देखी गई।

 भंडारा जिले के 52 मतदान केंद्रों पर यह पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और प्रशासन ने मतगणना के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। इन परिणामों के बाद अब ग्राम पंचायतों का कामकाज नए सिरे से शुरू होगा और ग्रामीणों को नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों से विकास कार्यों की काफी उम्मीदें हैं।

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