तुमसर नगर परिषद चुनाव की तिथि की घोषणा (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
भंडारा

तुमसर नगर परिषद चुनाव की तिथि की घोषणा, आचार संहिता लागू होते ही उतारे गए नेताओं के होर्डिंग

Tumsar Municipal Council:तुमसर नगर परिषद चुनाव की घोषणा के बाद आदर्श आचार संहिता लागू होते ही नगर परिषद कर्मचारियों ने शहर के प्रमुख चौकों से राजनीतिक दलों के होर्डिंग, पोस्टर और बैनर हटाए।

आंचल लोखंडे

Bhandara News: तुमसर नगर परिषद चुनाव की तिथि की घोषणा होते ही शहर का राजनीतिक माहौल एकदम गर्मा गया। मंगलवार शाम 5 बजे से नगर परिषद कर्मचारियों ने शहर में लगे राजनीतिक दलों के नेताओं और प्रतिनिधियों के होर्डिंग, पोस्टर और बैनर हटाने का अभियान शुरू कर दिया। शहर के बावनकर चौक, पुराना बसस्थानक, तांबी चौक, नया बसस्थानक, रेलवे गेट और अन्य प्रमुख चौराहों तथा सड़कों के किनारे लगे राजनीतिक बैनर और होर्डिंग तत्काल हटा दिए गए। इस दौरान नगर परिषद के मुख्याधिकारी ने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।

चुनाव की तिथि घोषित होते ही नगराध्यक्ष और पार्षद पद के संभावित प्रत्याशी अपनी उम्मीदवारी को मजबूत करने में सक्रिय हो गए हैं। वे अपनी पकड़ और लोकप्रियता साबित करने के लिए राजनीतिक दलों के नेताओं और आलाकमान से लगातार संपर्क साध रहे हैं, ताकि उन्हें पार्टी का अधिकृत टिकट प्राप्त हो सके। इसके साथ ही प्रत्याशी मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने, छोटे कार्यक्रम आयोजित करने और अपने वार्डों में उपस्थिति दर्ज कराने में जुटे हैं। कुछ प्रत्याशी केवल अपने वार्ड तक सीमित न रहते हुए स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों, समुदाय के नेताओं और अन्य वार्डों के संभावित पार्षदों का समर्थन हासिल करने की भी कोशिश कर रहे हैं।

नेटवर्किंग और जनसंपर्क अभियान

इस समय संभावित उम्मीदवार अपनी राजनीतिक साख और पार्टी में प्रभाव बढ़ाने के हर संभव प्रयास में लगे हुए हैं। साथ ही कुछ प्रत्याशी चुनाव प्रचार की रणनीति, धन और संसाधनों का प्रबंधन तथा प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशियों की गतिविधियों पर नजर रखने का काम भी कर रहे हैं। आचार संहिता लागू होने के बाद शहर की गलियों और चौक-चौराहों से हटाए गए पोस्टर और बैनर अब चुनावी अनुशासन के प्रतीक बन गए हैं।

इस बीच, सभी संभावित प्रत्याशी अपनी रणनीति, नेटवर्किंग और जनसंपर्क अभियान के जरिए चुनावी मैदान में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में कार्यरत हैं। यह समय राजनीतिक सरगर्मी, जोड़-तोड़ और रणनीतिक तैयारियों का है। जहां हर प्रत्याशी अपनी जीत की संभावनाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है।

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