छत्रपति संभाजीनगर सभागृह हंगामा फोटो- सोशल मीडिया 
औरंगाबाद

छत्रपति संभाजीनगर मनपा में पेयजल योजना के श्रेय पर महासंग्राम: उबाठा के 6 नगरसेवक निष्कासित, जमकर हुआ हंगामा

Water Scheme News: छत्रपति संभाजीनगर मनपा की सभा में पेयजल योजना का श्रेय लेने को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष में तीखी झड़प हुई उद्धव ठाकरे का नाम शामिल न करने पर उबाठा के 6 सदस्य निष्कासित किए गए।

रूपम सिंह

Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका की गुरुवार को हुई सर्वसाधारण सभा में शहर की बहुचर्चित पेयजल योजना के अभिनंदन प्रस्ताव को लेकर जबरदस्त हंगामा हुआ। योजना का श्रेय लेने को लेकर सत्ताधारी भाजपा-शिंदे सेना और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो देखते ही देखते बड़े विवाद में बदल गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि शिवसेना (ठाकरे गुट) के छह नगरसेवकों को मेयर समीर राजूरकर के आदेश पर सभागृह से बाहर निकालना पड़ा।

सभागृह से निकालने के बाद उबाठा नगरसेवकों ने सभा के के बाहर सभा के समाप्त होने तक धरना दिया। इसी दरमियान दोपहर में मेयर राजूरकर ने इन नगरसेवकों से बातचीत कर दूबारा उन्हें सभागृह में आने को हरी झंडी दिखाई। लेकिन, उबाठा के नगरसेवकों ने दोबारा उसी प्रस्ताव में उध्दव ठाकरे का अभिनंदन की बात करते ही मेयर उसी अनदेखी की। उसके बाद फिर उबाठा के नगरसेवक बाहर आए, और धरने पर बैठ गए।

पेयजल योजना के प्रस्ताव पर भड़के शिवसेना यूबीटी के नगरसेवक

प्रस्ताव मंजूर होते ही ठाकरे गुट (उबाठा) के सदस्य आक्रामक हो गए। उबाठा के गुट नेता गणेश लोखंडे और रशिद मामू ने जोरदार आपत्ति जताते हुए कहा कि इस योजना में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, इसलिए उनका नाम प्रस्ताव में शामिल किया जाना चाहिए। मेयर द्वारा प्रस्ताव पहले ही मंजूर होने की बात कहकर आगे बढ़ने के निर्देश देने पर ठाकरे गुट के सदस्य और भड़क गए। वे अपनी सीट छोड़कर सीधे मेयर के समक्ष पहुंच गए और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। मेयर के सामने जोरदार हंगामा शुरु हुआ, उबाठा के नगरेसवक रशीद मामूल ने राजदंड भी भगाने का प्रयास किया। जिससे काफी देर तक सभागृह में तनाव जैसी स्थिति बनी रही। बार-बार समझाने के बावजूद जब उबाठा के सदस्य शांत नहीं हुए और उद्धव ठाकरे का नाम जोड़ो की मांग पर अड़े रहे, तब मेयर राजूरकर ने कड़ा कदम उठाते हुए छह सदस्यों को सभागृह से बाहर निकालने के आदेश दिए। उसके बाद मनपा के सुरक्षा कर्मियों ने उबाठा के गुट नेता गणेश लोखंडे, रशिद मामू, सचिन खैरे, वैशाली कोरडे, सुनिता सोनवणे, सावित्री वाणी को सभागृह से बाहर निकाला इस दौरान कुछ देर के लिए सभा का माहौल बेहद तनावपूर्ण बना था।

अभिनंदन प्रस्ताव से भड़का विवाद

बैठक की शुरुआत में भाजपा नगरसेवक प्रमोद राठोड ने विभिन्न विषयों पर अभिनंदन प्रस्ताव पेश किए। इसमें सिडको चौक स्थित वसंतराव नाईक की प्रतिमा को यातायात सुगम बनाने के लिए स्थानांतरित करने पर आयुक्त जी। श्रीकांत के अभिनंदन का प्रस्ताव शामिल था। इसके बाद राज वानखेडे ने छत्रपति संभाजीनगर शहर को फ्लाईओवर की मंजूरी देने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अभिनंदन की मांग रखी। लेकिन असली विवाद उस समय शुरू हुआ, जब नगरसेवक राजू वैद्य ने शहर की पानी योजना को मंजूरी दिलाने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मंत्री अतुल सावे और प्रशासनिक प्रयासों के लिए आयुक्त के अभिनंदन का प्रस्ताव रखा। मेयर समीर राजूरकर ने इस प्रस्ताव को मंजूर घोषित कर दिया।

सभागृह के बाहर यूबीटी नगरसेवकों का धरना

हंगामे के बीच भाजपा नगरसेवकों ने ठाकरे गुट पर तीखा हमला बोला। उनका कहना था कि उद्धव ठाकरे के कार्यकाल में ही यह योजना लंबित रही, जिसके कारण शहर का पानी संकट और बढ़ा, भाजपा सदस्यों ने आरोप लगाया कि अब श्रेय लेने की राजनीति की जा रही है। इधर, सभागृह से बाहर निकले उबाठा नगरसेवक सभागृह के बाहर धरना पर बैठ गए। जब दोपहर में मेयर समीर राजूरकर ने लंच के लिए आधा घंटा के लिए सभा तहकूब भी। उसके बाद मेयर राजूरकर ने उबाठा के नगरसेवकों से बातचीत कर दूबारा सभागृह में आने की परमिशन दी। जैसे ही दूवारा सभा शुरु हुई।

जैसे ही उबाठा के नगरसेवक सभागृह में पहुंचे। सभा में बीओटी के प्रकल्पों पर चर्चा जारी थी। इसी दरमियान उबाठा के नगरसेवक फिर एक बार यह मांग करने के लगे कि पेयजल योजना के अभिनंदन प्रस्ताव में उध्दव ठाकरे का नाम शामिल किया जाए। इसे मेयर राजूरकर ने अनदेखी की। इस पर आग बबूला हुए उबाठा के नगरसेवक फिर एक बार सभागृह से बाहर आए और धरना पर बैठे। देर शाम तक जारी मनपा की आम सभा तक उबाठा के नगरसेवक सभागृह के बाहर धरना पर बैठे रहे।

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