Chhatrapati Sambhajinagar News In Hindi: घर में अकेली नाबालिग लड़की से छेड़खानी करते हुए उसकी बदनामी व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में नाना भीकन माताड़े (35, सोयगांव) को न्यायालय ने एक वर्ष की सश्रम कैद व 12,000 रुपए दंड की सजा सुनाई है।
विशेष न्यायाधीश एआर उबाले ने यह फैसला सुनाते हुए दंड में से 10,000 रुपए पीड़िता को मुआवजे के रूप में देने का आदेश भी दिया है। मामले में 17 वर्षीय पीड़िता ने शिकायत में कहा कि 29 अगस्त 2016 की सुबह उसके माता-पिता व भाई खेत में जाने से वह घर में अकेली थीं।
दोपहर 12 बजे जब वह घर में मूंगफली छील रही थीं, तभी आरोपी माताड़े ने घर में घुसकर बातचीत के बहाने अश्लील हरकतें शुरू कीं, पीड़िता धमकाते हुए यह बात किसी को बताने पर नाम खराब करने व जान से मारने की धमकी भी दी।
डरी-सहमी लड़की ने आरोपी का हाथ झटक कर शोरशराबा शुरू कर दिया व घर से बाहर भाग कर पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी। सोयगाव पुलिस थाने में प्रकरण दर्ज किया गया था। प्रकरण की सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सरकारी वकील लक्ष्मीकांत काथार ने 6 लोगों के बयान लिए।
सभी सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई। भादंसं की धारा 354 व 452 के तहत, एक वर्ष की सश्रम कैद व प्रत्येक के लिए 5,5,000 रुपए दंड, धारा 506 के तहत, 6 महीने की सश्रम कैद व 2,000 रुपए दंड की सजा सुनाई. पैरवी अधिकारी के रूप में सहायक फौजदार एमएम माली ने काम देखा।