प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
औरंगाबाद

राष्ट्रीय किसान दिवस: चरण सिंह को देशभर में श्रद्धांजलि, परभणी में 324 किसानों व वैज्ञानिकों की भागी

National Farmers' Day: राष्ट्रीय किसान दिवस पर चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। परभणी सहित मराठवाड़ा के 12 कृषि विज्ञान केंद्रों में कार्यक्रम हुए, जिसमें 324 किसान व वैज्ञानिक शामिल हुए।

अंकिता पटेल

Farmers' Welfare Krishi Vigyan Kendra: छत्रपति संभाजीनगर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री छत्रपति संभाजीनगर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की जयंती। किसानों के हित में अनेक जनकल्याणकारी नीतियां लागू कर कृषि क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले चरण सिंह को इस अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

मुख्य कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद में किया गया, जिसका सीधा प्रसारण देशभर की ICAR संस्थाओं, कृषि विश्वविद्यालयों व कृषि विज्ञान केंद्रों में किया गया।

इसी क्रम में वसंतराव नाईक मराठवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशालय की ओर से परभणी मुख्यालय सहित मराठवाड़ा क्षेत्र के कुल 12 कृषि विज्ञान केंद्रों में सीधे प्रसारण से यह दिवस मनाया गया।

परभणी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विवि के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक व प्रगतिशील किसानों संग कुल 324 प्रतिभागियों ने भाग लिया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है।

उन्होंने चरण सिंह के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ICAR, कृषि विवि व विज्ञान केंद्र किसानों के साथ मिलकर विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। कुलपति प्रा। (डॉ) इंद्रमणि ने ऑनलाइन मार्गदर्शन करते हुए कहा कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में किसानों का कल्याण बेहद अहम है।

अन्नदाताओं के हित में कार्य जारी : प्रा। इंद्रमणि

विश्वविद्यालय "किसान देवो भवः" के संकल्प के साथ किसानों के हित में निरंतर कार्य कर रहा है व मराठवाड़ा के समग्र विकास के लिए जिला प्रशासन व कृषि से जुड़े विभागों के साथ मिलकर प्रयास करने की बात भी उन्होंने कही।

परिचय विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. राकेश अहिरे ने कराया। प्रारंभ में मुख्य विस्तार शिक्षा अधिकारी डॉ. प्रशांत देशमुख ने चौधरी चरण सिंह की जीवनी पर रोशनी प्रकाश डाली।

तकनीकी मार्गदर्शन में मुख्य कृषि वैज्ञानिक डॉ. किरण जाधव ने एकीकृत कृषि प्रणाली की ओर से विकास विषय पर मार्गदर्शन किया। डॉ. आनंद गोरे ने जैविक व प्राकृतिक खेती पर मार्गदर्शन करते हुए रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने, मृदा उर्वरता बढ़ाने व पर्यावरण संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया।

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