Mumbai High Court On NEET UG 2026 Result Controversy: नीट यूजी-2026 परीक्षा में प्राप्त अंकों में कथित विसंगति के मामले में मुंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद पीठ ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी और केंद्र सरकार के उच्च शिक्षा विभाग से जवाब तलब किया है। न्यायालय ने याचिकाकर्ता छात्र की मूल ओएमआर उत्तर पुस्तिका एक सप्ताह के भीतर न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश भी दिया है।
मुंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद खंडपीठ ने नीट यूजी-2026 के परिणाम में कथित विसंगति से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। न्यायमूर्ति एन. बी. सूर्यवंशी और न्यायमूर्ति आबासाहेब शिंदे की खंडपीठ ने छात्र सोहम गवते की याचिका पर सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को मूल ओएमआर उत्तर पुस्तिका एक सप्ताह के भीतर न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
याचिका के अनुसार, छात्र ने परीक्षा में 148 प्रश्न हल किए थे, जिनमें 136 उत्तर सही होने के आधार पर ऋणात्मक अंक प्रणाली सहित 522 अंक मिलने की उम्मीद थी, लेकिन जारी स्कोरकार्ड में उसे केवल 95 अंक दिए गए। मामले में अगली सुनवाई बाद में होगी।
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छात्र सोहम गवते ने नीट यूजी-2026 के परिणाम में कथित विसंगति सामने आने के बाद 17 और 18 जुलाई को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को ईमेल भेजकर पुनर्मूल्यांकन और अंकों की दोबारा जांच की मांग की, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद छात्र ने अधिवक्ता सुदर्शन सालुंके और अधिवक्ता महेंद्र गंडले के माध्यम से मुंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद खंडपीठ में याचिका दायर की।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुए केंद्र सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव और एनटीए, नई दिल्ली को नोटिस जारी किया। साथ ही याचिकाकर्ता की मूल ओएमआर उत्तर पुस्तिका एक सप्ताह के भीतर न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई बाद में होगी।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट