FDA Action: छत्रपति संभाजीनगर की मशहूर उत्तम उपहार गृह का लाइसेंस निलंबित, बार-बार इस्तेमाल किए जा रहे तेल

FDA Action: छत्रपति संभाजीनगर में एफडीए ने प्रसिद्ध 'उत्तम उपहार गृह' का लाइसेंस निलंबित कर होटल बंद कराया। जांच में गंदगी, दोबारा इस्तेमाल तेल और खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन मिले।
FDA Action On Uttam Upahar Griha License Suspended Hotel Closed In Sambhajinagar
छत्रपति संभाजीनगर में FDA की कार्रवाई (सोर्स: AI)
Updated on

FDA Action On Uttam Upahar Griha: खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने शहर के प्रसिद्ध और वर्षों पुराने 'उत्तम उपहार गृह' पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसका खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर प्रतिष्ठान को बंद करने के आदेश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं, जिन्हें उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना गया।

कार्रवाई के दौरान खाद्य तेल और वनस्पति घी के नमूने लेकर उन्हें रासायनिक परीक्षण के लिए शासकीय प्रयोगशाला भेज दिया गया है। एफडीए के वरिष्ठ अधिकारी तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई. विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

मिठाइयों का बड़े पैमाने पर उत्पादन

जांच में सामने आया कि संबंधित प्रतिष्ठान के पास केवल रेस्तरां संचालन का लाइसेंस था, जबकि उसी परिसर में बड़े पैमाने पर मिठाइयों का व्यावसायिक उत्पादन किया जा रहा था। खाद्य नियमों के अनुसार इसके लिए अलग उत्पादन लाइसेंस आवश्यक है, जो उपलब्ध नहीं था।

बार-बार इस्तेमाल हो रहा था खाना पकाने का तेल

एफडीए की जांच में यह भी पाया गया कि भजिया और समोसे तलने के लिए एक ही तेल का कई बार उपयोग किया जा रहा था। टीपीसी जांच में इस तेल की टीपीसी रीडिंग 58 दर्ज की गई, जो निर्धारित मानकों से काफी अधिक और स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक मानी जाती है। वहीं इमरती और जलेबी बनाने में उपयोग किए जा रहे वनस्पति घी की टीपीसी रीडिंग 36 पाई गई। दोनों नमूनों को विस्तृत रासायनिक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।

नाले के पास रखा मिला खाद्य पदार्थ

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने देखा कि इडली बनाने के लिए रखा गया आटा खुले में नाले की लाइन के पास रखा हुआ था। रसोई और उत्पादन कक्ष में बड़ी संख्या में झुरले घूमते मिले। दीवारों पर जमी चिकनाई, गंदगी और लंबे समय से सफाई नहीं होने के स्पष्ट संकेत दिखाई दिए। कीट नियंत्रण का कोई प्रमाण भी उपलब्ध नहीं कराया गया।

कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच नहीं, तंबाकू के निशान मिले

एफडीए टीम को रसोई क्षेत्र में तंबाकू और चूने की पुड़ियां मिलीं। दीवारों पर तंबाकू थूकने के निशान भी पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि प्रतिष्ठान में कार्यरत लगभग 25 से 30 कर्मचारियों का अनिवार्य चिकित्सकीय स्वास्थ्य प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं था, जो खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है।

कृत्रिम रंग के उपयोग की जानकारी नहीं

निरीक्षण के दौरान मिठाइयों में टार्ट्राजीन (Tartrazine) नामक कृत्रिम खाद्य रंग का उपयोग पाया गया। हालांकि कर्मचारियों को यह जानकारी नहीं थी कि इसका सुरक्षित उपयोग कितनी मात्रा में किया जाना चाहिए। अधिकारियों ने इसे भी गंभीर लापरवाही माना।

गंदगी और कचरे का अंबार

एफडीए टीम को परिसर में कई अन्य गंभीर खामियां भी मिलीं। कचरा पात्र खुले पड़े थे, खिड़कियों पर जालियां नहीं लगी थीं और पूरे परिसर में अत्यधिक गंदगी फैली हुई थी। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि स्वच्छता संबंधी मूलभूत नियमों का भी पालन नहीं किया जा रहा था।

लाइसेंस निलंबित

इन सभी गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए एफडीए ने 'उत्तम उपहार गृह' का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर प्रतिष्ठान बंद करने के आदेश जारी किए। साथ ही खाद्य तेल और वनस्पति घी के नमूने शासकीय प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

एफडीए के वरिष्ठ अधिकारी तुकाराम मुंडे ने कहा कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले होटल, रेस्तरां और खाद्य प्रतिष्ठानों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

Navbharat Live
navbharatlive.com