मानसून (सोर्स: सोशल मीडिया) 
औरंगाबाद

छत्रपति संभाजीनगर में मानसून का इंतजार, छाए रहे बादल, उमस ने बढ़ाया पारा, 12-18 जून के बीच बारिश की संभावना

Monsoon Update: मराठवाड़ा के कई जिलों में प्री-मानसून की बारिश हो चुकी है, लेकिन छत्रपति संभाजीनगर को अभी भी मानसून का इंतजार है। मौसम विभाग ने 12 से 18 जून के बीच मानसून की दस्तक की संभावना जताई है।

रूपम सिंह

Marathwada Monsoon 2026: छत्रपति संभाजीनगर मराठवाड़ा के कुछ जिलों में प्री-मानसून वर्षा होने के बावजूद छत्रपति संभाजीनगर में अब तक मानसून की सक्रियता दिखाई नहीं दी है। बीड़, लातूर, धाराशिव और नांदेड़ जिलों में पिछले दो दिनों से अच्छी बारिश दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। हालांकि संभाजीनगर जिले में अब तक केवल बादलों की आवाजाही देखने को मिली है और लोग बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। केरल और दक्षिण कोंकण में मानसून के प्रवेश के बाद मराठवाड़ा के कई हिस्सों में इसका असर दिखाई देने लगा है।

बीड़, लातूर, धाराशिव और नांदेड़ में पिछले दो दिनों से हुई बारिश से तापमान में कमी आई है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्री-मानसून वर्षा है और वास्तविक मानसून के लिए अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है।

मौसम विशेषज्ञ तथा वसंतराव नाईक मराठवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय, परभणी के डॉ. कैलास डाखोरे के अनुसार, मानसून फिलहाल सोलापुर तक पहुंच चुका है। यदि वातावरण अनुकूल रहा तो 12 से 18 जून के बीच मराठवाड़ा में मानसून के प्रवेश की संभावना है। अल नीनो के प्रभाव के कारण इस वर्ष मानसून की रफ्तार कुछ धीमी पड़ सकती है। इसके बावजूद 18 से 20 जून तक मराठवाड़ा में मानसून पहुंचने की उम्मीद जताई गई है।

जल्दबाजी में बुआई न करने की दी गई सलाह

डॉ. कैलास डाखोरे ने किसानों को सलाह दी है कि पर्याप्त नमी बनने से पहले बुआई नहीं करें। उन्होंने कहा कि खेतों में अच्छी नमी के लिए कम से कम 75 से 100 मिलीमीटर वर्षा होना आवश्यक है। कुछ क्षेत्रों में हुई बारिश के बाद किसानों ने बुआई शुरू कर दी है, लेकिन यदि मानसून आने के बाद बारिश में अंतराल रहा तो बीज खराब हो सकते हैं और किसानों को दोबारा बुआई करनी पड़ सकती है। इसलिए पूरी जानकारी और पर्याप्त वर्षा के बाद ही बुआई करना किसानों के हित में रहेगा।

बादलों के बावजूद उमस से बढ़ रही है परेशानी

बुधवार को  छत्रपति संभाजीनगर में पूरे दिन तेज हवाओं के साथ बादलों की आवाजाही बनी रही। बादलों के कारण धूप से राहत मिली, लेकिन उमस और चिपचिपी गर्मी ने लोगों को परेशान किया। विकलठाणा वेधशाला के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को यह 38.8 डिग्री था, जबकि सोमवार को पारा 39.4 डिग्री तक पहुंच गया था। इससे स्पष्ट है कि मानसून की प्रतीक्षा के बीच गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है।

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