संभाजीनगर प्राणि संग्रहालय, सफारी पार्क,(सोर्स: सोशल मीडिया) 
औरंगाबाद

संभाजीनगर में 200 करोड़ का प्राणि संग्रहालय अंतिम चरण में, सफारी पार्क पर सरकार की मंजूरी का इंतजार

Sambhajinagar Smart City Project: संभाजीनगर के मिटमिटा क्षेत्र में बन रहे प्राणि संग्रहालय के साथ प्रस्तावित सफारी पार्क का मामला अभी लंबित है, जबकि मनपा ने भूमि सुरक्षा की प्रक्रिया तेज कर दी है।

अंकिता पटेल

Sambhajinagar Safari Park Project: छत्रपति संभाजीनगर मिटमिटा क्षेत्र में विकसित किए जा रहे अत्याधुनिक प्राणि संग्रहालय के साथ प्रस्तावित सफारी पार्क का मामला अभी भी सरकार स्तर पर लंबित है। उधर, मनपा ने संबंधित भूमि सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा दीवार बनाने की प्रक्रिया शुरू करते हुए शहर अभियंताओं को लागत अनुमान तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

सरकार व जिला योजना समिति (डीपीसी) से निधि प्राप्त करने के प्रयास जारी हैं। मनपा स्मार्ट सिटी योजना के तहत 200 करोड़ रुपये खर्च कर मिटमिटा क्षेत्र के गट नंबर 307 में 100 एकड़ भूमि पर आधुनिक व भव्य प्राणि संग्रहालय विकसित कर रही है। तीन चरणों में जारी निर्माण कार्य करीब पूर्ण हो चुके हैं व वर्तमान में पौधारोपण व सौंदर्याकरण का अंतिम चरण जारी है।

केंद्रीय प्राणिसंग्रहालय प्राधिकरण के पुराने प्राणि संग्रहालय की जगह को लेकर आपत्ति जताने के बाद मनपा ने सरकार से विस्तृत भूमि की मांग की थी। तदुपरांत मिटमिटा की 37 हेक्टेयर भूमि प्राणि संग्रहालय के लिए उपलब्ध कराई गई। यहाँ आधुनिक सुविधाएं, पशुओं के लिए अलग आवास, पर्यटक सुविधा केंद्र, आंतरिक सड़कें व हरित क्षेत्र विकसित किए गए हैं।

पशुओं का स्थानांतरण होगा दिवाली के बाद

सरकार की मंजूरी मिलने तक भूमि सुरक्षित रखने व अतिक्रमण रोकने के उद्देश्य से सुरक्षा दीवार बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए प्राथमिक बजट बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आवश्यक निधि के लिए सरकार व डीपीसी के जरिए प्रयास किए जाएंगे। नए प्राणिसंग्रहालय के अधिकांश निर्माण कार्य पूरे हो चुके है। पौधारोपण व हरित क्षेत्र अपेक्षित स्तर तक विकसित होने के बाद पुराने प्राणि संग्रहालय के पशुओं को चरणबद्ध तरीके से यहां स्थानांतरित किया जाएगा। यह प्रक्रिया दीपावली के बाद संभव है।

मराठवाड़ा के पर्यटन केंद्रों में होगा शामिल

प्राणि संग्रहालय संग सफारी पार्क विकसित करने की भी योजना बनाकर इसके लिए उसी गट की अतिरिक्त 17 हेक्टेयर भूमि की मांग सरकार से की गई है। मगर प्रस्ताव पर अब तक अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। मिटमिटा के गट नंबर 307 की अतिरिक्त 17 हेक्टेयर भूमि को सफारी पार्क के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है।

यह भूमि सरकारी स्वामित्व की होने से अंतिम मंजूरी के बिना विकास कार्य असंभव है। हालांकि, भविष्य की परियोजना को ध्यान में रखकर प्रशासन भूमि संरक्षण पर जोर दे रहा है। पर्यावरण अनुकूल विकास के चलते इस परियोजना के मराठवाड़ा के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल होने की प्रबल संभावना है।

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