जायकवाड़ी बांध की फोटो (सोर्स: नवभारत फोटो) 
औरंगाबाद

मराठवाड़ा की जीवनरेखा जायकवाड़ी बांध में बढ़ा पानी, 67% हुआ जल भंडारण; किसान और उद्योग हुए निहाल

Jayakwadi Water Level: मराठवाड़ा की जीवनरेखा जायकवाड़ी बांध में जीवंत जल भंडारण 67.31% तक पहुंचा। संभाजीनगर, जालना, बीड समेत कई जिलों के किसानों, उद्योगों और पेयजल आपूर्ति को मिली बड़ी राहत।

गोरक्ष पोफली

Jayakwadi Dam Water Level Rises: मराठवाड़ा की जीवनरेखा माने जाने वाले जायकवाड़ी अर्थात नाथसागर बांध में जल भंडारण लगातार बढ़ रहा है। बुधवार शाम छह बजे तक बांध में 67.31 प्रतिशत जीवंत जल भंडारण दर्ज किया गया। वर्तमान में बांध में 51.60 टीएमसी पानी उपलब्ध है, जबकि इसकी कुल जीवंत भंडारण क्षमता 76.67 टीएमसी है। जल स्तर 1515.50 फीट तक पहुंच गया है। पिछले कुछ दिनों की भारी वर्षा के बाद पानी की आवक कुछ धीमी हुई है, लेकिन अभी भी 24,132 क्यूसेक की रफ्तार से पानी बांध में पहुंच रहा है।

गोदावरी नदी बेसिन के गंगापुर, दारणा, कडवा, पालखेड़, वाघाड़, भावली, काश्यपी, गौतमी गोदावरी, वालदेवी, भाम, भोजापुर और आलंदी सहित विभिन्न बांधों तथा नांदूर मध्यमेश्वर बैराज से 17,269 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नाथसागर में लगातार जल प्रवाह बना हुआ है।

खरीफ फसलों को मिलेगी संजीवनी

बांध में बढ़ता जल भंडारण छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, परभणी, धाराशिव सहित पूरे मराठवाड़ा के खरीफ किसानों के लिए राहत लेकर आया है। सोयाबीन, कपास, मक्का, अरहर और बाजरा जैसी फसलों के लिए सिंचाई की उपलब्धता बढ़ने की संभावना है, जिससे किसानों में संतोष का वातावरण है।

उद्योगों और पेयजल आपूर्ति को राहत

जायकवाड़ी का बढ़ता जल स्तर शेंद्रा-बिडकीन, वालूज, पैठण, चिकलथाना, चितेगांव तथा डीएमआईसी क्षेत्र के उद्योगों के लिए भी लाभदायक साबित होगा। इसके साथ ही छत्रपति संभाजीनगर, जालना, पैठण और मराठवाड़ा के अनेक शहरों की पेयजल आपूर्ति भी सुरक्षित होने की उम्मीद बढ़ गई है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यदि गोदावरी के ऊपरी क्षेत्रों में फिर अच्छी वर्षा हुई तो नाथसागर बांध शीघ्र ही 70 प्रतिशत जीवंत जल भंडारण का आंकड़ा पार कर सकता है।

गर्मी में दूर होगी पानी की किल्लत

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ वर्षों में मानसून की अनिश्चितता के कारण मराठवाड़ा के कई क्षेत्रों को जल संकट का सामना करना पड़ा था। ऐसे में जयकवाड़ी बांध का जल स्तर 67 प्रतिशत के पार पहुंचना पूरे क्षेत्र के लिए आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से बेहद राहत देने वाला है। यदि ऊपरी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा, तो आगामी रबी सीजन और भीषण गर्मी के महीनों में पानी की कोई किल्लत नहीं होगी।

– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

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