Anil Makariye Orders: शहर के मोतीकारंजा से समर्थनगर तक फैले नालों की सफाई को लेकर महानगरपालिका ने कड़ा रुख अपनाया है। मनपा स्थायी समिति सभापति अनिल मकरिए ने संबंधित अधिकारियों और इमारत मालिकों को सोमवार तक नालों की सफाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि तय समय तक कचरा और अतिक्रमण नहीं हटाए गए तो महानगरपालिका सीधे कार्रवाई करेगी।
सोमवार सुबह आठ बजे से शुरू हुए निरीक्षण अभियान में सभापति अनिल मकरिए ने मोतीकारंजा नाले के किनारे गांधीनगर, चुनाभट्टी, फकीरवाड़ी, औषधि भवन मार्ग होते हुए संभाजी पेठ तक पैदल दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्थानों पर रुककर सफाई कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को नालों की सफाई तेज तथा प्रभावी तरीके से करने के निर्देश दिए।
महानगरपालिका प्रशासन ने मोतीकारंजा से संभाजी पेठ और आगे वरद गणेश मंदिर परिसर से समर्थनगर तक पूरे नाले की सफाई सोमवार तक पूरी करने के आदेश दिए हैं। अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि नालों में पानी जमा न हो और यातायात में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो, इसके लिए आवश्यक सावधानियां बरती जाएं। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त शहर अभियंता अनिल तनपुरे, यांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता अमोल कुलकर्णी, प्रभाग क्रमांक 2 के सहायक आयुक्त रमेश मोरे तथा प्रभाग क्रमांक 1 की लता पुजारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
सभापति अनिल मकरिए ने नालों के किनारे किए गए सभी प्रकार के अतिक्रमण तत्काल हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चाहे अतिक्रमण किसी राजनीतिक दल से जुड़ा हो या किसी निजी इमारत का, नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि नालों के प्रवाह में बाधा डालने वाले निर्माणों के कारण बारिश के दौरान बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने का खतरा रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान मोतीकारंजा क्षेत्र स्थित महानगरपालिका की बंद पड़ी स्कूल इमारत का भी निरीक्षण किया गया। लगभग एक एकड़ क्षेत्र में फैली यह जगह वर्तमान में उपयोग के बिना पड़ी हुई है।
इस परिसर में नागरिकों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य केंद्र शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है। संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नालों के ऊपर बनी इमारतों के कारण जमा होने वाले कचरे को हटाने की जिम्मेदारी संबंधित इमारत मालिकों की होगी। यदि सोमवार तक कचरा नहीं हटाया गया तो महानगरपालिका की ओर से सीधे कार्रवाई की जाएगी।
इसके लिए विशेष पथकों की नियुक्ति की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि मानसून से पहले शहर के सभी प्रमुख नालों की सफाई पूरी करना प्राथमिकता है ताकि जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से नागरिकों को राहत मिल सके।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट