प्लास्टिक पर प्रहार, छत्रपति संभाजीनगर में 35 लाख कैरी बैग्स का जखीरा पकड़ा गया, मनपा की कार्रवाई से हड़कंप

CSMC Plastic Raid: छत्रपति संभाजीनगर मनपा ने अंगुरीबाग और मोतीकारंजा में बड़ी कार्रवाई करते हुए 4630 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया। 2 दिनों में 10 टन प्लास्टिक पकड़कर रचा इतिहास।
Crackdown on Plastics: Cache of 3.5 Million Carry Bags Seized in Chhatrapati Sambhajinagar; Municipal Corporation's Action Creates a Stir
प्लास्टिक प्रतिबंध की प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Plastic Raid Chhatrapati Sambhajinagar: शहर को पर्यावरण के अनुकूल और प्लास्टिक मुक्त बनाने के संकल्प के साथ छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका (CSMC) ने अपनी कार्रवाई को युद्ध स्तर पर तेज कर दिया है। गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 को मनपा के 'नागरी मित्र पथक' ने लगातार दूसरे दिन छापेमारी करते हुए प्रतिबंधित प्लास्टिक के अवैध भंडारण का बड़ा भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई ने प्लास्टिक माफियाओं और अवैध विक्रेताओं के नेटवर्क की कमर तोड़ दी है।

अंगुरीबाग और मोतीकारंजा में मनपा का छापा

मनपा के दस्ते ने शहर के व्यावसायिक हब माने जाने वाले अंगुरीबाग और मोतीकारंजा क्षेत्रों में आकस्मिक छापेमारी की। इस दौरान तीन प्रमुख दुकानों गंगवाल प्लास्टिक, एस. के. प्लास्टिक (संजय कटार) और एस.पी. प्लास्टिक के गोदामों में भारी मात्रा में प्रतिबंधित माल मिला। केवल गुरुवार को ही 4630 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया गया। मनपा ने प्रत्येक विक्रेता पर 25-25 हजार रुपये का कड़ा आर्थिक दंड लगाते हुए कुल 75 हजार रुपये का जुर्माना वसूला।

35 लाख कैरी बैग्स का पाप रोका

पिछले दो दिनों की संयुक्त कार्रवाई का परिणाम बेहद चौंकाने वाला है। प्रशासन ने अब तक 10,000 किलो (10 टन) से अधिक प्लास्टिक जब्त किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मात्रा करीब 34 से 35 लाख प्लास्टिक कैरी बैग्स के बराबर है, जिनकी बाजार कीमत लगभग 20 लाख रुपये आंकी गई है। यदि यह माल बाजार में पहुँच जाता, तो शहर की ड्रेनेज व्यवस्था और पर्यावरण के लिए भारी संकट पैदा हो जाता।

सुधर जाओ वरना होगी जेल

छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका आयुक्त अमोल येडगे ने स्पष्ट कर दिया है कि अब शहर में प्लास्टिक को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू है। उन्होंने व्यापारियों को आगाह किया कि केवल जुर्माना ही काफी नहीं है; यदि उल्लंघन जारी रहा तो आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाएंगे। वहीं, घनकचरा प्रबंधन विभाग के प्रमुख नंदकिशोर भोंबे ने आश्वासन दिया कि जब्त प्लास्टिक को तुरंत नष्ट किया जा रहा है ताकि यह दोबारा चक्र में न आ सके।

व्यापारियों का 'सरेंडर' और सहयोग का वादा

प्रशासन की इस शक्ति का असर शाम होते-होते दिखने लगा। प्लास्टिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मनपा अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान व्यापारियों ने प्रशासन के साथ सहयोग करने का वादा किया और कुछ विक्रेताओं ने तो स्वेच्छा से अपना बचा हुआ प्रतिबंधित स्टॉक प्रशासन को सौंपने की तैयारी भी दिखाई। महापौर समीर राजूरकर और अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस निर्णायक अभियान की जमकर सराहना की है।

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