Chhatrapati Sambhajinagar Pistol Recovery Investigation: छत्रपति संभाजीनगर प्रा. राजाभाऊ लोंढे हत्याकांड में मोबाइल गेम के बाद हत्या के लिए प्रयुक्त पिस्तौल का राज बना हुआ है। मुख्य आरोपी विशाल राठौड़ ने पुलिस रिमांड के दौरान उज्जैन से पिस्तौल खरीदने की बात कहने के बाद जांच दल तत्काल रवाना हुआ।
हालांकि, शहर के बाहर जाने के बाद उसके अचानक यू टर्न लेने से दस्ते को बैरंग लौटना पड़ा। पुलिस के सबक सिखाने के बाद उसने पिस्तौल खाटू श्याम से लाने की जानकारी देने के बाद दस्ता अब वहां जाने की तैयारियों में जुट गया है।
आरोपी विशाल व करण आहे की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद न्यायालय में पेश करने पर 25 मार्च तक वृद्धि करने का आदेश जिला व सत्र न्यायाधीश एसआर पवार ने 22 मार्च को दिया है।
जांच के दौरान आरोपी राठौड़ ने मृतक लोंढे से लिए 65 लाख में से 12 लाख रुपए में जग्वार कार खरीदने का अपराध स्वीकार किया। हादसे का शिकार कार कोकणवाड़ी स्थित बॉम्बे ऑटो वर्क्स गैरेज में मरम्मत के लिए देने की बात कही।
पुलिस ने वह कार जब्त कर ली। शेष 50 लाख रुपए से अधिक राशि की पता नहीं चला है। आरोपी यह बताने में नानुकुर कर रहे हैं कि पैसों का विनियोग आखिरकार कहां किया गया पुलिस का पूरा ध्यान हत्या के लिए प्रयुक्त पिस्तौल, आरोपी के आर्थिक व्यवहार व आरोपी को सहयोग करने वालों पर केंद्रित हुए हैं। छिपाया हुआ मोबाइल जब्त करने दस्ता पुणे जाएगा।
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आरोपियों को न्यायालय में पेश करने पर सहायक लोकाभियोक्त्ता अजीत अंकुश ने कहा कि अभियुक्तों ने शेष राशि का विनियोग कैसे किया, पिस्तौल का मूल खोत, मोबाइल जशी व अपराध में सहयोग करने वालों के नाम खोजने पुलिस रिमांड बढ़ाने का आग्रह न्यायालय से किया, जो स्वीकार भी हुआ।