लोड शेडिंग की प्रतीकात्मक फोटो (साेर्स: सोशल मीडिया) 
औरंगाबाद

छत्रपति संभाजीनगर में अघोषित लोड शेडिंग का कहर, व्यापारियों ने मंत्रियों को सौंपा ज्ञापन

Chhatrapati Sambhajinagar Power Cut: छत्रपति संभाजीनगर में बिना सूचना बिजली कटौती से व्यापार ठप और जनता बेहाल। जिला व्यापारी महासंघ ने मंत्री अतुल सावे और संजय शिरसाट से मिलकर की शिकायत।

गोरक्ष पोफली

Chhatrapati Sambhajinagar Power Cut News: छत्रपति संभाजीनगर में इन दिनों पारा लगातार चढ़ रहा है, लेकिन नागरिकों के लिए गर्मी से ज्यादा 'महावितरण' (MSEDCL) की कार्यप्रणाली परेशानी का सबब बनी हुई है। शहर में पिछले कुछ दिनों से जारी अघोषित लोड शेडिंग ने आम नागरिकों और व्यापारियों का जीना दूभर कर दिया है। अभी तक मानसून की पहली फुहार भी नहीं पड़ी है, लेकिन महावितरण ने 'मानसून पूर्व मरम्मत कार्य' के नाम पर शहर के विभिन्न हिस्सों में बार-बार बिजली गुल करना शुरू कर दिया है। सबसे गंभीर बात यह है कि इस कटौती के बारे में नागरिकों को पहले से कोई सूचना नहीं दी जा रही है।

व्यापार जगत पर आर्थिक प्रहार

बिजली की इस मनमानी कटौती का सबसे बुरा असर शहर की आर्थिक गतिविधियों पर पड़ रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों से लेकर छोटे दुकानदारों तक, सभी को बिजली न होने के कारण भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। कंप्यूटर, प्रिंटिंग प्रेस, विनिर्माण इकाइयों और आइसक्रीम-कोल्ड ड्रिंक्स जैसे मौसमी व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। व्यापारियों का कहना है कि बिजली जाने से न केवल काम रुकता है, बल्कि ग्राहकों की संख्या में भी भारी कमी आई है।

मंत्रियों के द्वार पर व्यापारी महासंघ

इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए जिला व्यापारी महासंघ ने अब राजनीतिक हस्तक्षेप की मांग की है। महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के ओबीसी विकास मंत्री अतुल सावे और जिले के पालकमंत्री संजय शिरसाट से मुलाकात की।

ज्ञापन की प्रमुख मांगें:

  • पूर्व सूचना अनिवार्य: जिस भी क्षेत्र में मरम्मत के लिए बिजली बंद की जानी है, वहां के निवासियों और व्यापारियों को कम से कम 24 घंटे पहले सूचित किया जाए।
  • समय सीमा का निर्धारण: लोड शेडिंग की अवधि को कम से कम रखा जाए ताकि व्यापारिक नुकसान न्यूनतम हो।
  • अघोषित कटौती पर रोक: बिना किसी तकनीकी खराबी के होने वाली अघोषित कटौती पर तुरंत लगाम लगाई जाए।

प्रशासनिक आश्वासन और उम्मीद

व्यापारियों की पीड़ा सुनने के बाद मंत्री अतुल सावे ने आश्वासन दिया कि वे महावितरण के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तत्काल बैठक करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों और मरम्मत के बीच जनता को होने वाली असुविधा स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने जल्द ही बिजली आपूर्ति सुचारू करने और सूचना प्रणाली को बेहतर बनाने का वादा किया। इस प्रतिनिधिमंडल में नारायण राठी, गुलाम हक्काने, अजय मंत्री सहित शहर के कई प्रमुख व्यापारी नेता उपस्थित थे।

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