अजंता में श्वानों का आतंक, 6 महीने में 226 को बनाया निशाना, खौफ के साये में जीने को मजबूर ग्रामीण

Ajanta Stray Dog Menace: सिल्लोड़ तहसील के अजंता गांव में आवारा कुत्तों का आतंक चरम पर है। 6 माह में 226 लोग घायल हुए हैं, लेकिन ग्राम पंचायत प्रशासन मौन है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
Canine Menace Grips Ajanta: 226 Victims in Six Months; Villagers Forced to Live Under the Shadow of Fear.
श्वानों के आतंक की प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Ajanta Stray Dog Menace News: विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल अजंता इन दिनों एक अलग ही वजह से चर्चा में है, और वह है आवारा कुत्तों का बढ़ता जानलेवा हमला। सिल्लोड़ तहसील के इस गाँव में पिछले कुछ समय से कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। ताजा घटना में, 3 वर्षीय सुलतान असलम शेख अपने घर के सामने खेल रहा था, तभी एक आवारा कुत्ते ने उसे बुरी तरह नोच दिया। गंभीर रूप से घायल बालक को अजंता ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसे रेबीज के टीके लगाए गए।

इसी तरह, पांच दिन पहले मदीना मस्जिद क्षेत्र में एक 5 वर्षीय बच्चे पर भी हमला हुआ, जिसके हाथ को कुत्ते ने बुरी तरह जख्मी कर दिया। उसे बेहतर इलाज के लिए छत्रपति संभाजीनगर के जिला अस्पताल में रेफर करना पड़ा।

हर महीने दर्जनों लोग हो रहे शिकार

अजंता ग्रामीण अस्पताल से प्राप्त अधिकारिक आंकड़े रोंगटे खड़े करने वाले हैं। नवंबर 2025 से 21 अप्रैल 2026 के बीच मात्र 6 महीनों में 226 नागरिक आवारा कुत्तों का शिकार बने हैं। औसतन हर दिन एक से अधिक व्यक्ति इन खूंखार कुत्तों का शिकार बन रहा है, जो गाँव में सार्वजनिक सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।

  • नवंबर 2025: 56 लोग (सबसे अधिक मामले)
  • दिसंबर 2025: 48 लोग
  • जनवरी 2026: 27 लोग
  • फरवरी 2026: 38 लोग
  • मार्च 2026: 33 लोग
  • अप्रैल (21 दिनों में): 24 लोग

ग्राम पंचायत की चुप्पी पर फूटा गुस्सा

अजंता के ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि बार-बार की शिकायतों के बावजूद ग्राम पंचायत प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए न तो नसबंदी का कोई अभियान चलाया गया और न ही आवारा कुत्तों को पकड़ने की कोई व्यवस्था की गई। ग्राम पंचायत की इस 'मूक' कार्यशैली के कारण नागरिकों में असुरक्षा की भावना गहरी होती जा रही है। ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई की चेतावनी देते हुए प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की है।

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