Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका की दूसरी नियमित सामान्य सभा फरवरी के अंतिम सप्ताह या मार्च के प्रथम सप्ताह में आयोजित किए जाने की तैयारी प्रशासन ने शुरू कर दी है। इस बैठक में स्थायी समिति के 16 सदस्यों का चयन किया जाएगा। वर्तमान संख्या बल को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी का प्रभाव कायम रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है। सभा से पहले सभी राजनीतिक दलों को अपने अधिकृत गुटों का पंजीकरण विभागीय आयुक्त के समक्ष कराना अनिवार्य रहेगा।
मनपा की पहली सामान्य सभा 10 फरवरी को आयोजित हुई थी, जिसमें केवल महापौर और उपमहापौर का चुनाव संपन्न हुआ था। अब दूसरी सभा में नियमित प्रशासनिक कार्यों की औपचारिक शुरुआत होगी। लगभग पांच वर्ष दस माह बाद हुए चुनावों के पश्चात नवगठित सदन में यह पहली नियमित कार्यवाही मानी जा रही है।
महापौर समीर राजूरकर सभा संचालन के लिए स्वतंत्र नियमावली निर्धारित करने की तैयारी में हैं। संकेत मिले हैं कि विषय सूची के बाहर के प्रस्ताव या अंतिम क्षण में प्रस्तुत विषय स्वीकार नहीं किए जाएंगे। नगरसेवकों को अपने प्रस्ताव कम से कम आठ दिन पहले लिखित रूप में महापौर को प्रस्तुत करना अनिवार्य रहेगा। इससे सदन की कार्यवाही अधिक अनुशासित और योजनाबद्ध तरीके से संचालित होने की संभावना है।
स्थायी समिति मनपा की सबसे महत्वपूर्ण समितियों में से एक मानी जाती है। वित्तीय निर्णय, निविदा प्रक्रिया तथा विभिन्न प्रशासनिक प्रस्तावों पर अंतिम स्वीकृति का अधिकार इसी समिति को प्राप्त होता है। इसी कारण समिति के सभापति पद को लेकर सत्ताधारी दल में आंतरिक स्तर पर सक्रियता बढ़ गई है। संभावना है कि सभापति पद भी भाजपा के पास ही जाएगा। आगामी दिनों में गुट पंजीकरण, सदस्यों के चयन और सभापति की नियुक्ति को लेकर मनपा की राजनीति में और अधिक सक्रियता देखने को मिल सकती है।
स्थायी समिति के गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मनपा में सर्वाधिक सदस्य संख्या होने के कारण भाजपा के आठ सदस्यों का चयन लगभग तय माना जा रहा है। इसके अलावा ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन को पांच, शिवसेना को दो तथा शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को एक सीट मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है। वंचित बहुजन आघाड़ी की गुट पंजीकरण प्रक्रिया अभी लंबित है, जिससे एक सीट के समीकरण में परिवर्तन संभव है।