

Rashtrapati Bhavan Change Of Guard Ceremony: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के प्रस्तावित भारत दौरे को लेकर शुक्रवार को बड़ा कन्फ्यूजन देखने को मिला। पहले राष्ट्रपति भवन ने घोषणा की कि 22 अगस्त को होने वाली ‘चेंज ऑफ गार्ड’ सेरेमनी तारिक रहमान के औपचारिक स्वागत के पूर्वाभ्यास के कारण रद्द रहेगी और आम जनता की एंट्री भी बंद होगी।
हालांकि, करीब एक घंटे बाद राष्ट्रपति भवन ने अपनी ही प्रेस विज्ञप्ति वापस लेते हुए रद्दीकरण का फैसला निरस्त कर दिया। इस यू-टर्न के बाद तारिक रहमान के दौरे और आधिकारिक कार्यक्रम को लेकर सस्पेंस और गहरा गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब BRICS शिखर सम्मेलन से पहले भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग को लेकर कूटनीतिक तनाव बना हुआ है।
राष्ट्रपति भवन की ओर से पहले जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति को वापस लिए जाने के घटनाक्रम ने भारत और बांग्लादेश के बीच जारी राजनयिक तनाव को फिर चर्चा में ला दिया है। यह घटनाक्रम 12-13 सितंबर को होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन से पहले सामने आया है।
दोनों देशों के संबंधों में तनाव की एक बड़ी वजह बांग्लादेश की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग भी है। ऐसे में राष्ट्रपति भवन की पुरानी प्रेस विज्ञप्ति वापस लिए जाने को दोनों देशों के बीच चल रही कूटनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, विज्ञप्ति वापस लिए जाने के पीछे की आधिकारिक वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी नए बयान में कहा गया है, 21 अगस्त 2026 को ‘इस शनिवार को गार्ड बदलने की रस्म (Change of Guard Ceremony) नहीं होगी’ विषय पर जारी प्रेस विज्ञप्ति वापस ले ली गई है। यह नया बयान उस घोषणा के करीब एक घंटे बाद आया।
जिसमें राष्ट्रपति भवन ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के औपचारिक स्वागत की रिहर्सल के कारण शनिवार को होने वाली साप्ताहिक ‘चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी’ को रद्द करने की जानकारी दी थी। प्रेस विज्ञप्ति वापस लिए जाने के बाद इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने का इंतजार किया जा रहा है।
बता दें कि आमतौर पर, राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में 30 मिनट की 'चेंज ऑफ गार्ड' सेरेमनी प्रत्येक शनिवार सुबह आयोजित की जाती है। यह सेरेमनी शनिवार को राजपत्रित अवकाश होने पर या राष्ट्रपति भवन द्वारा अधिसूचित किए जाने पर आयोजित नहीं की जाती है।
राष्ट्रपति भवन के अनुसार, 'चेंज ऑफ गार्ड' सेरेमनी एक सैन्य परंपरा है, जिसके तहत फोर्ट, पैलेस और रक्षा प्रतिष्ठानों में तैनात गार्ड और संतरी समय-समय पर बदलते रहते हैं ताकि सैनिकों की एक नई टुकड़ी कार्यभार संभाल सके।
राष्ट्रपति भवन में, औपचारिक सेना रक्षक बटालियन भारत के राष्ट्रपति के लिए औपचारिक सुरक्षा और पहरेदारी प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है।
सेना के ब्रास बैंड की धुन पर सैनिक आगे बढ़ते हैं। इसके बाद परेड कमांडर मार्च करते हुए आते हैं, जिनके आदेश पर गार्ड मार्च करते हैं। निरीक्षण के बाद, नया गार्ड पुराने गार्ड के साथ अपनी जगह लेता है
और दोनों गार्ड राष्ट्रीय सलामी का आदान-प्रदान करते हैं। इसके बाद, नया गार्ड, गार्ड और संतरी का कार्यभार संभालता है। सेरेमनी का समापन पीबीजी द्वारा घुड़सवारी प्रदर्शन और राष्ट्रगान के साथ होता है।