Chhatrapati Sambhajinagar Cyber Crackdown: छत्रपति संभाजीनगर में सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन, अपराधियों का महिमामंडन, गैंग संस्कृति का प्रचार और युवाओं को प्रभावित करने वाली सामग्री साझा करने वालों के विरुद्ध पुलिस ने व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। साइबर पुलिस अब ऐसे सभी खातों पर लगातार नजर रख रही है जो अपराध को आकर्षक रूप में प्रस्तुत कर समाज में भय या गलत संदेश फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
पुलिस का स्पष्ट कहना है कि केवल आपत्तिजनक वीडियो या रील हटाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि कानून के तहत कठोर कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में अपराधियों के समर्थन में वीडियो, जन्मदिन की बधाई, जेल से रिहाई पर स्वागत, हथियारों के साथ फोटो और गैंग आधारित गीतों पर बनाई जाने वाली रीलों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
ऐसे वीडियो विशेष रूप से युवाओं को प्रभावित कर रहे हैं और अपराध को प्रतिष्ठा से जोड़ने की प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रहे हैं। इसी को देखते हुए साइबर पुलिस ने डिजिटल निगरानी को और अधिक सख्त कर दिया है।
साइबर पुलिस ने ऐसे अनेक सोशल मीडिया खातों की पहचान की है जो गंभीर अपराधों में शामिल व्यक्तियों का प्रचार-प्रसार कर रहे थे। इन खातों की गतिविधियों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। आपत्तिजनक सामग्री साझा करने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उनके विरुद्ध प्रकरण भी दर्ज किए जाएंगे।
शहर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि केवल हथियारों के साथ फोटो साझा करना ही नहीं, बल्कि गैंग संस्कृति को बढ़ावा देने वाले गीत, धमकी भरे संदेश, अपराधियों के समर्थन में पोस्ट, आपराधिक घटनाओं का महिमामंडन तथा समाज में भय का वातावरण बनाने वाली डिजिटल सामग्री भी जांच के दायरे में रहेगी। ऐसी सामग्री को अपराध की श्रेणी में माना जा सकता है।
साइबर पुलिस की कार्रवाई के दौरान अब तक बड़ी संख्या में आपत्तिजनक रील और पोस्ट हटवाई जा चुकी है। संबंधित सोशल मीडिया मंचों के सहयोग से अनेक खातों पर रोक लगाने की प्रक्रिया भी पूरी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि लोकप्रियता या अधिक दर्शक प्राप्त करने के लिए अपराधियों का महिमामंडन करने वाली सामग्री साझा न करें। किसी भी गैंग, अपराधी या हथियारों का प्रचार करने वाली पोस्ट भविष्य में कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकती है।
सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक और जिम्मेदारीपूर्ण ढंग से किया जाना चाहिए। पुलिस का कहना है कि इंटरनेट पर की गई प्रत्येक गतिविधि का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है।
यह भी पढ़ें:-उदय सामंत बोले- छात्रों के साथ अन्याय नहीं होगा, आंदोलन को राजनीति से दूर रखें; संवाद से निकलेगा समाधान
इसलिए आपत्तिजनक सामग्री हटाने के बाद भी जांच एजेंसियां पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सोशल मीडिया को अपराध के प्रचार का माध्यम बनाने वालों के विरुद्ध आगे भी सख्त अभियान जारी उसके आधार पर कार्रवाई कर सकती है। साइबर रहेगा।