

राज ठाकरे ने पीएम मोदी और गौतम अडानी के संबंधों को लेकर एक डॉक्यूमेंट्री पोस्ट की।
राज ठाकरे बोले सरकार इस डाॅक्यूमेंट्री को सोशल मीडिया से हटाना चाहती है।
MNS चीफ ने दावा किया कि अगले 4 से 5 महीनों में देश में कुछ बड़ी गड़बड़ हो सकती है।
Raj Thackeray Share Narendra Modi-Gautam Adani Documentary: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ठाकरे ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि आने वाले 4 से 5 महीनों में देश के भीतर कोई बहुत बड़ी गड़बड़ या हलचल हो सकती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के अगले ही दिन राज ठाकरे ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक विवादित डॉक्यूमेंट्री फिल्म पोस्ट की। इससे देश की राजनीति में हड़कंप मच गया है।
राज ठाकरे ने गुरुवार को अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक विवादित डॉक्यूमेंट्री फिल्म पोस्ट की। यह डॉक्यूमेंट्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मशहूर उद्योगपति गौतम अडानी के रिश्तों पर आधारित है। खबरों के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के कई यूजर्स को मुंबई पुलिस की ओर से इस डॉक्यूमेंट्री को डिलीट करने के लिए नोटिस भेजे गए थे।
राज ठाकरे ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "सरकार इस डॉक्यूमेंट्री को सोशल मीडिया से गायब करना चाहती है। इसका कारण क्या है, यह आपको इसे देखने के बाद ही समझ आएगा। इसलिए, सरकार इसे पूरी तरह से हटाने या गायब करने में कामयाब हो, उससे पहले ही आप लोग इसे देख लीजिए।"
इस डॉक्यूमेंट्री में यह दावा किया गया है कि किस तरह से पीएम नरेंद्र मोदी ने समय-समय पर गौतम अडानी को उद्योग क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद की और उसका राजनीतिक फायदा उठाया। मोदी ने अपनी राजनीति के लिए गौतम अडानी की मदद ली। बदले में मोदी ने अडानी को बिजनेस में फायदा पहुंचाया।
'कॉकरोच जनता पार्टी' के आंदोलन के बाद से राज ठाकरे लगातार सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। उनका मुख्य ध्यान युवा और जेन-जी मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने और सरकार विरोधी माहौल तैयार करने पर है। इससे पहले इसी महीने की शुरुआत में उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर एक विशाल मोर्चा भी निकाला था।
ईवीएम को लेकर भी राज ठाकरे ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मांग की है कि देश में चुनाव ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से कराए जाने चाहिए। उन्होंने कहा, "देश में चुनाव पूरी तरह से पारदर्शी होने चाहिए। जब पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल जैसे पड़ोसी देशों में बैलेट पेपर पर चुनाव हो सकते हैं, तो भारत में ईवीएम क्यों? पूरी दुनिया ने ईवीएम को खारिज कर दिया है। फ्रांस में भी एक व्यक्ति के कहने पर बैलेट पेपर से चुनाव कराए गए, फिर भारत में ऐसा क्यों नहीं हो सकता?"