राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह का सफर, गुजरात की राजनीति और धारा 370 हटाने तक के उनके ऐतिहासिक पड़ाव

Amit Shah Life History: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जीवन की 10 अहम बातें जानिए मुंबई में जन्म, पढ़ाई, संघ-भाजपा से जुड़ाव, गुजरात की राजनीति से लेकर गृह और सहकारिता मंत्री बनने तक का सफर।
BJP leader Amit Shah
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाहडिजाइन फोटो
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Amit Shah biography
22 अक्टूबर 1964 को जन्मे अमित शाह आज 62 वर्ष के हो गए। वे केंद्र सरकार में गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री हैं। जन्मदिन पर तस्वीरों के सहारे जानिए उनके जीवन की 10 अहम बातें, जो बूथ स्तर की राजनीति से देश की सुरक्षा और प्रशासन तक पहुँचने की कहानी कहती हैं।Source- Social Media
Amit Shah in the town of Mansa
अमित अनिलचंद्र शाह का जन्म 22 अक्टूबर 1964 को मुंबई में एक व्यापारी परिवार में हुआ। बताया जाता है कि उनका बचपन गुजरात के गाँधीनगर जिले के मानसा कस्बे में बीता, जहाँ उनका पैतृक घर है। पिता अनिलचंद्र शाह का पीवीसी पाइप का कारोबार था। यही पारिवारिक पृष्ठभूमि आगे चलकर उनके कारोबारी और सहकारी क्षेत्र के अनुभव का आधार बनी।Source- Social Media
C.U. Shah College
पढ़ाई के लिए वे अहमदाबाद आए और वहाँ के सी. यू. शाह कॉलेज से जैव-रसायन (बायोकेमिस्ट्री) में स्नातक किया। पढ़ाई के बाद उन्होंने पिता के कारोबार में हाथ बँटाया और कुछ समय शेयर बाजार से भी जुड़े रहे। वित्त और व्यापार की यह समझ बाद में सहकारी बैंकों और आर्थिक विषयों में उनके काम आई।Source- Social Media
A historic photograph of BJP workers from the 1980s–90s
किशोरावस्था में ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए और बाद में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में सक्रिय रहे। बताया जाता है कि इसी दौर में उनकी मुलाक़ात गुजरात के तत्कालीन संघ प्रचारक नरेंद्र मोदी से हुई, जो आगे चलकर लंबी साझेदारी में बदली। 1984 के आसपास वे भारतीय जनता पार्टी के सदस्य बने और बूथ स्तर से जमीनी काम शुरू किया।Source- Social Media
Cooperative banks in Gujarat
1991 में लालकृष्ण आडवाणी और 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी के गाँधीनगर लोकसभा चुनाव अभियानों के प्रबंधन से उनकी चुनावी रणनीति की पहचान बनी। 1999 में वे अहमदाबाद जिला सहकारी (ADC) बैंक के अध्यक्ष बने। बताया जाता है कि उनके कार्यकाल में बैंक घाटे से मुनाफे में आया। सहकारिता से यही जुड़ाव आगे चलकर उनके मंत्रालय में दिखा।Source- Social Media
Gujarat Legislative Assembly building
1997 के उपचुनाव में वे अहमदाबाद की सरखेज सीट से विधायक चुने गए और इसके बाद लगातार जीत दर्ज की। 2002 से गुजरात की नरेंद्र मोदी सरकार में उन्होंने गृह समेत कई अहम विभाग सँभाले। 2010 में एक मामले के चलते उन्हें पद छोड़ना पड़ा, और दिसंबर 2014 में सीबीआई की विशेष अदालत ने उन्हें इस मामले से उन्मुक्त कर दिया।Source- Social Media
BJP headquarters
2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें भाजपा का उत्तर प्रदेश प्रभारी बनाया गया, जहाँ पार्टी ने राज्य की 80 में से 71 सीटें जीतीं। जुलाई 2014 में वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने और जनवरी 2020 तक इस पद पर रहे। इस दौर में पार्टी ने कई राज्यों में विस्तार किया और सदस्यता में रिकॉर्ड बढ़ोतरी का दावा किया।Source- Social Media
Amit Shah
2017 में वे गुजरात से राज्यसभा सांसद चुने गए। 2019 में गाँधीनगर से लोकसभा चुनाव जीतकर वे संसद पहुँचे और 30 मई 2019 को देश के गृह मंत्री बने। 2024 में गाँधीनगर से दोबारा जीत के बाद उन्होंने तीसरी मोदी सरकार में भी गृह मंत्रालय सँभाला। गाँधीनगर सीट पर कभी लालकृष्ण आडवाणी सांसद रहे थे।Source- Social Media
Amit Shah
5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाने का प्रस्ताव उन्होंने संसद में रखा। उसी वर्ष नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) भी पारित हुआ। 1 जुलाई 2024 से तीन नए आपराधिक कानून, भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू हुए, जिन्होंने IPC, CrPC और साक्ष्य अधिनियम की जगह ली। इन फैसलों पर समर्थन और विरोध दोनों के स्वर रहे हैं।Source- Social Media
Ministry of Cooperation and the 2027 Census
6 जुलाई 2021 को नया सहकारिता मंत्रालय बना और उसकी जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई। गृह मंत्रालय देश की पहली डिजिटल जनगणना की तैयारी भी देख रहा है। मार्च 2026 में उन्होंने जनगणना 2027 के लिए डिजिटल टूल्स और शुभंकर "प्रगति" और "विकास" लॉन्च किए। सुरक्षा, सीमा और आंतरिक प्रशासन भी उनके दैनिक काम का बड़ा हिस्सा हैं।Source- Social Media
Amit Shah
अमित शाह का विवाह सोनल शाह से हुआ है और उनके पुत्र जय शाह क्रिकेट प्रशासन में सक्रिय हैं, जो 2024 से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के अध्यक्ष हैं। खुद अमित शाह भी क्रिकेट प्रशासन से जुड़े रहे हैं। सितंबर 2026 में उन्होंने मुंबई में हिंदी दिवस और छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन को संबोधित किया।Source- Social Media

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