Chhatrapati Sambhajinagar Agriculture Supply Chain( Source: Social Media ) 
औरंगाबाद

किसानों के लिए बड़ी पहल: संभाजीनगर सम्मेलन में 983 करोड़ के 64 एमओयू, FPO को मिला बड़ा बाजार

SMART Project Maharashtra: संभाजीनगर SMART परियोजना के तहत आयोजित खरीदार-विक्रेता सम्मेलन में FPO व संस्थागत खरीदारों के बीच 983 करोड़ रुपये मूल्य के 64 MoU हुए, किसानों के स्थिर बाजार का खुला रास्ता।

अंकिता पटेल

Chhatrapati Sambhajinagar Agriculture Supply Chain: छत्रपति संभाजीनगर बालासाहेब ठाकरे कृषि व्यवसाय एवं ग्रामीण परिवर्तन (स्मार्ट) परियोजना के अंतर्गत व पैलेडियम कंसल्टिंग इंडिया . लि. की ओर से विभागीय खरीदार-विक्रेता सम्मेलन 2026 में फलों, सब्जियों व अनाज के लिए कुल 1,79,661 मीट्रिक टन क्षमता व 983 करोड़ रुपए मूल्य के 64 सामंजस्य करार (एमओयू) किए गए, इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य किसान उत्पादक कंपनियों (FPO) व संस्थागत खरीदारों के बीच सीधा बाजार संपर्क स्थापित कर कृषि उत्पादों को स्थिर, पारदर्शी व दीर्घकालीन बाजार उपलब्ध कराना था।

सम्मेलन का उद्घाटन स्मार्ट परियोजना के विभागीय कार्यान्वयन कक्ष प्रमुख व विभागीय कृषि सह संचालक सुनील वानखेड़े ने किया। इस अवसर पर जिला नोडल अधिकारी अनिल साळुंखे (छत्रपति संभाजीनगर), बालासाहेब नितनवरे (बीड़) व पैलेडियम के प्रतिनिधि प्रसाद नले उपस्थित थे।

इस दौरान प्रमुख रूप से गुणवत्ता मानक, मूल्य निर्धारण, निरंतर आपूर्ति, गारंटी व्यवस्था, भुगतान नीति, उत्पादन क्षमता, उपलब्धता व प्रतिस्पर्धात्मक दर व वितरण श्रृंखला आदि मुद्दों पर चर्चा की गई, जिससे खरीदार व विक्रेता के बीच विश्वास व पारदर्शिता की नींव मजबूत हुई, विशेष रूप से फलों, सब्जियों व अनाज के लिए 983 करोड़ रुपये के 64 एमओयू सम्मेलन की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

71 किसान उत्पादक कंपनियों की दिखाई दी भागीदारी

सम्मेलन में कुल 71 किसान उत्पादक कंपनियों व 38 खरीदार (ऑफलाइन व ऑनलाइन। शामिल हुए। संवाद से दोनों पक्षी के बीच सीधा संपर्क स्थापित होने के साथ ही भविष्य के व्यापार के लिए सकारात्मक वातावरण बना संचालन कृषि अधिकारी श्रुतीजा वीर व ज्योति भुते ने किया, आभार सनियंत्रण व मूल्याकन विशेषज्ञ चंद्रशेखर भौगे ने माना।

उत्पाद बेचने के लिए मार्केट से जोड़ने पर दिया गया जोर

प्रस्तावना में विभागीय नोडल अधिकारी माधुरी सोनवणे ने स्मार्ट परियोजना के अंतर्गत चल रहे बाजार संपर्क उपक्रमों की जानकारी देने के साथ ही किसान उत्पादक संस्थाओं को स्थायी बाजार उपलब्ध कराने में एमओयू की जरूरत पर जोर दिया।

सुनील वानखेड़े ने इसे राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना करार देते हुए जिसमें किसान उत्पादक संस्थाओं को 60 फीसदी तक अनुदान देने की बात कही।

उन्होंने मत था कि खरीदारों की मांग के अनुसार उत्पादन व आपूर्ति करने से संस्थाओं की विश्वसनीयता बढ़ती है व दीर्घकालीन व्यावसायिक संबंध स्थापित होते है। उन्होंने आधुनिक तकनीक अपनाकर गुणवता व प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने की अपील भी की।

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