गड़चिरोली: अब ड्रोन से होगा खाद व कीटनाशकों का छिड़काव; जिला परिषद ने शुरू किया 'हाइटेक' खेती का अनोखा उपक्रम

गड़चिरोली में कृषि विभाग ने ड्रोन से खाद व कीट नाशकों का छिड़काव शुरू किया, जिससे किसानों को लाभ होगा।
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Gadchiroli ZP News: गड़चिरोली जिले में खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए जिला परिषद के कृषि विभाग ने ड्रोन के माध्यम से खाद और कीटनाशकों के छिड़काव का पथदर्शी उपक्रम शुरू किया है। इस पहल से हाइटेक खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों की उत्पादकता और सुरक्षा में सुधार का लक्ष्य रखा गया है।

दुर्गम व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के किसानों तक नई तकनीक पहुंचाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे के मार्गदर्शन में इस नवाचार को अमल में लाया जा रहा है। इसके तहत किसान समूहों, किसान उत्पादक कंपनियों और महिला बचत समूहों को ड्रोन खरीद के लिए अनुदान और तकनीकी सहयोग दिया जा रहा है।

ड्रोन तकनीक के उपयोग से कम समय में बड़े क्षेत्र में छिड़काव संभव होगा, जिससे मजदूरों की कमी की समस्या का समाधान होगा। साथ ही, जहरीले कीटनाशकों के सीधे संपर्क से होने वाले जोखिम से भी किसानों को सुरक्षा मिलेगी।

दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचेगी सेवा

इस योजना के तहत स्थानीय युवाओं और महिला बचत समूहों को ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। धान की फसल पर तुड़तुड़ा जैसे प्रमुख कीटों के नियंत्रण के लिए प्रभावी छिड़काव किया जाएगा। घुमंतू ड्रोन केंद्रों के जरिए उन खेतों में भी सेवा दी जाएगी, जहां पहुंचना कठिन है।

पानी और कीटनाशकों की बचत

कृषि विभाग के अनुसार, पारंपरिक छिड़काव पद्धति की तुलना में ड्रोन तकनीक से लगभग 90 प्रतिशत पानी और 25 प्रतिशत कीटनाशकों की बचत संभव है। साथ ही छिड़काव अधिक सटीक और प्रभावी होगा।

परिवर्तनकारी पहल

जिप प्रशासन का मानना है कि यह उपक्रम जिले में खेती के स्वरूप को बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी।

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