Chhatrapati Sambhajinagar Jalna MLC Election News: औरंगाबाद-जालना स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र की विधान परिषद चुनाव में नामांकन वापसी के अंतिम दिन हुए नाटकीय घटनाक्रमों ने चुनावी तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। महाविकास आघाड़ी की घोषित उम्मीदवार एड। देवयानी कृष्णा डोणगांवकर तथा पूर्व मंत्री एवं सिल्लोड विधायक अब्दुल सत्तार के पुत्र समीर सत्तार ने गुरुवार को अपने नामांकन वापस ले लिए।
इसके साथ ही चुनावी मैदान में अब महायुति के सुहास शिरसाट, महाविकास आघाड़ी के गणेश लोखंडे तथा अपक्ष उम्मीदवार इसाक खान सांडू खान ही शेष रह गए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अब यह चुनाव सीधे तौर पर महायुति और महाविकास आघाड़ी की प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है। 18 जून को होने वाला मतदान इस मुकाबले का फैसला करेगा।
गुरुवार को नामांकन वापसी के अंतिम दिन जिलाधिकारी कार्यालय और राजनीतिक दलों के कार्यालयों में दिनभर बैठकों और चर्चाओं का दौर चलता रहा। सबसे अधिक चर्चा महाविकास आघाड़ी की उम्मीदवार एड. देवयानी डोणगांवकर की उम्मीदवारी वापसी को लेकर रही। उन्होंने चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था, लेकिन अंतिम समय में उनके प्रतिनिधियों ने जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर नामांकन वापस ले लिया। उनके इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में अनेक सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पहले ही एड. देवयानी डोणगांवकर के पति कृष्णा पाटील डोणगावकर से संबंधित चीनी मिल को नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद उन पर दबाव बढ़ने की चर्चा राजनीतिक हलकों में की जा रही है। इसी दबाव के चलते देवयानी ने चुनावी मैदान से हटने का निर्णय लिया, ऐसी चर्चाएं जोरों पर हैं। हालांकि इस संबंध में किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक रूप से कोई पुष्टि नहीं की गई है।
इस चुनाव में छत्रपति संभाजीनगर और जालना जिले की मनपा, जिला परिषद, नगर परिषद, नगर पंचायतों के सदस्य तथा पंचायत समिति सभापति मतदान करेंगे। दोनों जिलों में कुल 637 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। मतदान 18 जून को होगा।
देवयानी डोणगांवकर द्वारा नामांकन वापस लेने के कुछ ही समय बाद शिवसेना (यूबीटी) ने कड़ा कदम उठाते हुए कृष्णा पाटील डोणगावकर और एड. देवयानी पाटील डोणगांवकर को पार्टी से निष्कासित कर दिया। इसकी जानकारी राज्यसभा सांसद संजय राऊत ने सोशल मीडिया के माध्यम से दी। उन्होंने कहा कि दोनों के खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों के चलते यह कार्रवाई की गई है। इस घटनाक्रम ने चुनावी राजनीति को और अधिक गर्मा दिया है।
नामांकन वापसी के बाद स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका निर्णायक रहने वाली है। महायुति और मविआ ने अपने वोटरों को एकजुट रखने के प्रयास तेज कर दिए हैं। 18 जून को तय होगा कि औरंगाबाद-जालना में राजनीतिक बढ़त किस गठबंधन को मिलती है।
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देवयानी डोणगांवकर के चुनाव मैदान से हटने के बाद महाविकास आघाड़ी ने अपना पूरा ध्यान गणेश लोखंडे की उम्मीदवारी पर केंद्रित कर दिया है। उद्धव बालासाहेब ठाकरे शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) सहित आघाड़ी के सभी घटक दल अब लोखंडे के समर्थन में सक्रिय हो गए है। दूसरी ओर, मुंबई में महायुति नेतृत्व द्वारा लिए गए निर्णय के अनुरूप समीर सत्तार ने भी गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपना नामांकन वापस ले लिया।
सोयगांव-23, सिल्लोड-42, कन्नड़ 38, वैजापुर-38, खुलताबाद-27, फुलंब्री-25, छत्रपति संभाजीनगर-137, गंगापुर-33, पैठण-36, भोकरदन-42, जालना-90, अंबड-61 तथा परतूर-45 कुल मतदाता- 637