

Chhatrapati Sambhajinagar Illegal Tree Cutting: शहर में बढ़ती अवैध वृक्ष कटाई की घटनाओं को लेकर नागरिकों और प्रशासन दोनों की अपेक्षित सतर्कता नजर नहीं आ रही है। पिछले एक वर्ष के दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सैकड़ों पेड़ों की बिना अनुमति कटाई होने का अनुमान है, लेकिन महानगरपालिका की वृक्ष प्राधिकरण समिति के पास केवल आठ शिकायतें ही दर्ज हुई हैं।
इन शिकायतों में 36 पेड़ों की अवैध कटाई की पुष्टि होने के बाद महानगरपालिका ने पांच मामलों में एफआईआर दर्ज कराई, जबकि तीन मामलों में संबंधित पक्षों से कुल 1 लाख 75 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
शहर में हरित क्षेत्र लगातार घटता जा रहा है, जबकि अवैध वृक्ष कटाई की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शासन द्वारा वृक्षारोपण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं, इसके बावजूद कई इलाकों में बिना अनुमति पेड़ों की कटाई की जा रही है। पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि पेड़ों की संख्या कम होने से शहर में तापमान वृद्धि और प्रदूषण की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।
अवैध वृक्ष कटाई के कई मामले सामने आने के बावजूद अधिकांश नागरिक शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे नहीं आते। इसके कारण अनेक मामलों में कार्रवाई नहीं हो पाती। महानगरपालिका के रिकॉर्ड के अनुसार पूरे वर्ष में केवल आठ शिकायतें दर्ज हुई हैं। इससे स्पष्ट होता है कि वास्तविक रूप से हो रही वृक्ष कटाई की तुलना में शिकायतों की संख्या बेहद कम है।
उस्मानपुरा क्षेत्र में गुलमोहर के एक पेड़ की कटाई की शिकायत मिलने के बाद महानगरपालिका के उद्यान विभाग ने संबंधित संस्था से 25 हजार रुपये का जुर्माना वसूला। वहीं सारा सिटीज के समीप वाल्मी नाका क्षेत्र में 19 पेड़ों की बिना अनुमति कटाई किए जाने का मामला सामने आया। इनमें आम, नीम, बबूल और शीशम जैसे वृक्ष शामिल थे। इस मामले में संबंधित पक्ष पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा नारेगांव स्थित एक कंपनी द्वारा की गई अवैध वृक्ष कटाई के मामले में एक लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। महानगरपालिका ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की।
महानगरपालिका सीमा क्षेत्र में किसी भी पेड़ को काटने से पहले वृक्ष प्राधिकरण समिति की अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति वृक्ष कटाई करने पर महाराष्ट्र शहरी क्षेत्रों में वृक्ष संरक्षण एवं संवर्धन अधिनियम 1975 के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।
इसी कानून के तहत जिला कृषि उपज बाजार समिति, राजेंद्र देशमुख, ज्योति जगताप, निकम तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ अवैध वृक्ष कटाई के मामलों में FIR दर्ज की गई है।
शहर में विभिन्न कारणों से प्रतिदिन पेड़ों की कटाई होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। हालांकि वास्तविक शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे आने वाले नागरिकों की संख्या बहुत कम है। इसके चलते कई मामलों में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का अवसर हाथ से निकल जाता है।
पर्यावरणविदों का मानना है कि शहर के पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने और हरित संपदा को सुरक्षित रखने के लिए नागरिकों को अवैध वृक्ष कटाई की जानकारी मिलते ही तत्काल संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। जनसहभागिता और प्रशासनिक कार्रवाई के समन्वय से ही शहर के घटते हरित क्षेत्र को बचाया जा सकता है।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट