Akashvani Chowk Scrap Trader Murder In Sambhajinagar: शहर में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के बीच गुरुवार तड़के आकाशवाणी चौक क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज हत्या ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 47 वर्षीय स्क्रैप कारोबारी अब्दुल बासित हकीम खान की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। हमले के बाद गंभीर रूप से घायल कारोबारी मदद के लिए सड़क पर दौड़ते रहे, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण कुछ ही दूरी पर गिर पड़े।
पुलिस उन्हें तत्काल घाटी अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद जिन्सी पुलिस और अपराध शाखा ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने देर रात दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, जबकि हत्या के पीछे लूट, आपसी विवाद या किसी पुरानी रंजिश की आशंका को लेकर हर पहलू की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 47 वर्षिय कैसर कॉलोनी निवासी अब्दुल बासित हकीम खान के रूप में हुई है, जो शहर में स्क्रैप का कारोबार करते थे। उनके भाई वाजेद हकीम खान की शिकायत पर जिन्सी पुलिस थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गुरुवार तड़के करीब तीन बजे आकाशवाणी चौक के करीब पंचम बार के पास यह वारदात हुई।
हमलावर ने धारदार हथियार से उनकी जांघ पर गहरा वार किया, जिससे तेजी से रक्तस्राव शुरू हो गया। घायल होने के बावजूद अब्दुल बासित ने जान बचाने के लिए दौड़ लगाई, लेकिन कुछ ही दूरी पर सड़क पर गिर पड़े।
घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। फुटेज में अब्दुल बासित पंचम बार के पास एक स्थान पर जाते दिखाई देते हैं, जहां पहले से दो युवक मौजूद थे। उनमें से एक युवक के कंधे पर बैग भी दिखाई दे रहा है। कुछ देर बाद अब्दुल बासित वहां से भागते हुए नजर आते हैं।
पुलिस का मानना है कि इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ और उसके बाद उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया। पुलिस अब फुटेज के आधार पर संदिग्धों की गतिविधियों का विश्लेषण कर रही है।
हमले के बाद घायल अब्दुल बासित ने राह चलते लोगों से मदद की गुहार लगाई। उसी समय वहां से गुजर रहे एक रिक्शा चालक ने उन्हें देखा। उनकी हालत गंभीर देखकर उसने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। पुलिस कुछ ही देर में मौके पर पहुंची और दूसरे रिक्शा की सहायता से उन्हें घाटी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि अत्यधिक रक्तस्राव के कारण चिकित्सक उन्हें बचा नहीं सके। घाटी अस्पताल के डॉक्टरों ने अब्दुल बासित को मृत घोषित किया
घटनास्थल के पंचनामे में मृतक की जेब से 500 रुपये सुरक्षित मिले, लेकिन उनका मोबाइल फोन गायब था। इसी कारण पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं मोबाइल लूटने के उद्देश्य से हमला तो नहीं किया गया। मोबाइल की लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अंतिम संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल की बरामदगी से हत्या के कारणों का खुलासा हो सकता है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से करीब एक घंटे पहले अब्दुल बासित ने अपने बड़े बेटे अरफात को फोन कर बस स्टैंड आने के लिए कहा था। बेटे ने मोटरसाइकिल में पेट्रोल नहीं होने की बात कही, जिस पर उन्होंने स्वयं आने की बात कहकर फोन रख दिया।
इसके कुछ ही समय बाद परिवार को उन पर हुए जानलेवा हमले की सूचना मिली। पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह रात में कहां से लौट रहे थे और किससे मिलने गए थे।
घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। दोनों से देर रात तक पूछताछ जारी रही। पुलिस का कहना है कि अभी हत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हुई है। जांच में मिले साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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शहर में एक सप्ताह के भीतर हत्या की यह तीसरी वारदात है। इससे पहले 28 जून को रैप गीत को लेकर हुए विवाद में एक युवक की हत्या कर दी गई थी, जबकि 1 जुलाई को कांचनवाडी क्षेत्र में पत्नी के साथ अभद्र व्यवहार को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति की जान चली गई थी।
लगातार हो रही हत्याओं से शहरवासियों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट