UNESCO World Heritage: छत्रपति संभाजीनगर जिले के 2 प्रमुख विश्व धरोहर स्थलों अजंता व एलोरा गुफाओं में अब पर्यटकों का रुझान असंतुलित होता नजर आ रहा है। आंकड़ों के अनुसार, एलोरा देखने आने वाले 30 से 35 प्रतिशत पर्यटक अजंता तक पहुंच ही नहीं रहे हैं। इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे है।
अजंता गाइड एसोसिएशन के अनुसार, बार-बार होने वाली परेशानी से पर्यटक निराश होकर लौट जाते हैं। टूर ऑपरेटर्स की ओर से दिए गए सुझावों पर अब तक कार्रवाई नहीं होने से प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकांश समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर अजंता की छवि प्रभावित हो रही है।
फर्दापुर व अजंता गांव के करीब 400 लोगों को इससे रोजगार मिलता है, परिसर में 60 से अधिक दुकानें संचालित हैं। इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। सड़क की स्थिति कई जगह खराब है, स्वच्छता ग्रहों की व्यवस्था अपर्याप्त व जीर्ण अवस्था में है। पार्किंग, बस व गुफा के लिए अलग-अलग शुल्क देना पड़ता है। साथ ही, पुरानी बसों का उपयोग भी असुविधा का कारण बन रहा है।
सुविधाओं के आधार पर पर्यटकों की संख्या में उत्तार बढ़ाव देखने को मिला है। विदेशी मेहमानों की कम संख्या पर्यटन प्रबंधन के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है। आंकड़ों से स्पष्ट है कि अनंता की तुलना में एलोरा गुफाओं की लोकप्रियता अधिक बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क की स्थिति, ट्रैफिक जाम व बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे कारण अनंता में पर्यटकों की संख्या को प्रभावित कर रहे हैं।
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| वर्ष | अजंता (भारतीय) | अजंता (विदेशी) | एलोरा (भारतीय) | एलोरा (विदेशी) |
|---|---|---|---|---|
| 2023 | 3.08 लाख | 9,124 | 14.32 लाख | 19,075 |
| 2024 | 4.48 लाख | 17,019 | 18.91 लाख | 16,403 |
| 2025 | 4.80 लाख | 13,302 | 17.58 लाख | 19,456 |