पीएम मोदी ने Power Sector में वैश्विक निवेश को दिया न्योता, 2030 तक का बड़ा लक्ष्य तय

PM Modi Power Sector Investment: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक निवेशकों को भारत के पावर सेक्टर में निवेश के लिए आमंत्रित किया है और 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य रखा है।
PM Modi on women Reservation
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Investing In Indian Energy Sector: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वैश्विक निवेशकों को भारत के पावर सेक्टर में निवेश, निर्माण और विस्तार करने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया है। उन्होंने 'भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026' में अपने लिखित संदेश के माध्यम से कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में एक अहम मोड़ पर खड़ा है। पीएम मोदी का मानना है कि यह शिखर सम्मेलन भारत के विकास को नई गति देने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ उपयोगी साझेदारी और सहयोग को बढ़ावा देगा।

वैश्विक निवेशकों का स्वागत

प्रधानमंत्री ने दुनिया भर के निवेशकों से अपील की है कि वे भारत में आकर नई चीजें विकसित करें और देश के साथ मिलकर तरक्की की नई ऊंचाइयों को छुएं। उनका कहना है कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पूरे बिजली और ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र को एक ही मंच पर लाना है ताकि विचारों का सफल आदान-प्रदान हो सके। साझा रास्ता तैयार करने से न केवल विकास को तेज गति मिलेगी बल्कि आम लोगों के जीवन स्तर में भी एक बहुत बड़ा और सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।

नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य

भारत अपनी ऊर्जा यात्रा के एक अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव पर है यहां बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सबके लिए बिजली सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पीएम मोदी ने गर्व से बताया कि भारत ने अपनी कुल बिजली क्षमता का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा गैर-जीवाश्म ईंधन के माध्यम से पहले ही सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया है। सरकार ने अब साल 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता तक पहुंचने का एक बहुत ही स्पष्ट और महत्वाकांक्षी लक्ष्य पूरी दुनिया के सामने मजबूती से रखा है।

नए कानून और योजनाएं

प्रधानमंत्री ने बताया कि 'शांति अधिनियम 2025' परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश और विकास के लिए कई नए और आकर्षक अवसर खोलने में बहुत बड़ी भूमिका निभा रहा है। इसके साथ ही 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के माध्यम से छोटे स्तर पर बिजली उत्पादन और टिकाऊ ऊर्जा के उपयोग को भी काफी बढ़ावा दिया जा रहा है। ये योजनाएं देश के ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाने के साथ-साथ आम नागरिकों को सस्ती और स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम हैं।

व्यवस्था में सुधार की पहल

साल 2024-25 के दौरान वितरण व्यवस्था में सुधार और एटीएंडसी (AT&C) नुकसान को कम करने के लिए सरकार द्वारा कई कड़े और जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। पीएम के अनुसार बिजली क्षेत्र की वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाना एक अधिक कुशल और टिकाऊ भविष्य के लिए अनिवार्य है जिसमें निवेशकों के लिए अपार अवसर मौजूद हैं। कुशल व्यवस्था और बेहतर प्रदर्शन की वजह से आज भारत दुनिया भर के बड़े निवेशकों के लिए निवेश का एक बहुत ही सुरक्षित और आकर्षक केंद्र बनकर उभरा है।

विकसित भारत का संकल्प

प्रधानमंत्री मोदी का यह आह्वान 2047 तक 'विकसित भारत' के बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने के सामूहिक संकल्प को और अधिक ऊर्जा तथा दृढ़ता प्रदान करता है। ऊर्जा के क्षेत्र में हो रही यह प्रगति न केवल घरेलू विकास को बिजली प्रदान करेगी बल्कि वैश्विक स्तर पर स्थिरता लाने की हमारी प्रतिबद्धता को भी पुख्ता करती है। भरोसेमंद ऊर्जा पहुंच सुनिश्चित करने के लिए भारत अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर एक ऐसी साझेदारी बना रहा है जिसका फायदा आने वाली कई पीढ़ियों को मिलेगा।

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