मेलघाट में बाघ के हमले में युवक की मौत (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
अमरावती

Amravti News: मेलघाट में बाघ के हमले में युवक की मौत, दूसरा अपनी जान बचाने में हुआ कामयाब

Tiger Tttack: मेलघाट के चिखलदरा तालुका के कुलंगना खुर्द गांव के पास जंगल में एक युवक मृत पाया गया, जो मवेशियों को चराने के लिए जंगल में ले जा रहा था और बाघ के हमले में उसकी मौत हो गई।

आंचल लोखंडे

Melghat: मेलघाट के चिखलदरा तालुका के कुलंगणा खुर्द गांव के पास जंगल में मवेशियों को चराने गए एक युवक की बाघ के हमले में मौत का मामला सामने आया है। अपने साथी पर बाघ के हमले की खबर पाकर दूसरे युवक ने भागकर अपनी जान बचाई। वह रात भर एक खेत में छिपा रहा था। वह आज सुबह गांव पहुंचा।बाघ के हमले में मारे गए मृतक युवक का नाम प्रवीण सुखराम बेलसरे (17, निवासी कुलंगना, तालुका चिखलदरा) है। उसका दोस्त गोविंद गोपाल कास्डेकर (17, निवासी कुलंगना, तालुका चिखलदरा) इस घटना में बच गया है। दोनों युवक अपने मवेशियों को चराने के लिए जंगल गए थे।

मवेशियों को मोजरी में अपने रिश्तेदारों के पास बांधने के बाद, वे कल जंगल में पहाड़ पर महादेव मंदिर में दर्शन के लिए गए थे, क्योंकि यह श्रावण का आखिरी सोमवार था। उनके परिवार चिंतित थे क्योंकि वे देर रात तक दोनों वापस नहीं आए थे। ग्रामीणों ने दोनों की तलाश शुरू कर दी थी।इसी बीच, जंगल में प्रवीण सुखराम बेलसरे का शव मिला। उसका एक पैर टूटा हुआ था। मंदिर से लौटते समय अचानक हुई बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ गया और दोनों नदी किनारे रुक गए। तब तक शाम हो चुकी थी।

जान बचाकर भागना ही सही समझा

गोविंद ने ग्रामीणों को बताया कि जलस्तर कम होता देख दोनों दोस्त अंधेरे में अपने गांव की ओर चल पड़े, तभी एक बाघ ने पीछे से प्रवीण पर हमला कर दिया। यह देखकर उसका दोस्त गोविंद डर गया और वहां से भागकर एक खेत में रात बिताने के लिए छिप गया। अगले दिन गोविंद ने खुद आकर गांव वालों को घटना बताई। मवेशियों को चराने के बाद हम महादेव के दर्शन करके लौट रहे थे, तभी एक बाघ ने मेरे दोस्त पर हमला कर दिया। मैंने किसी तरह अपनी जान बचाई और वहां से भाग गया, लेकिन मेरा दोस्त पूरी तरह से बाघ के चंगुल में था। मेरे लिए उसे बचाना संभव नहीं था, इसलिए मैंने अपनी जान बचाकर भागना ही सही समझा।

घटना से गांव में भय का माहौल व्याप्त

इस घटना से गांव में भय का माहौल व्याप्त हो गया है। पिछले जून में, मेलघाट टाइगर रिज़र्व के गुगामल वन्यजीव प्रभाग के हरिसल वन क्षेत्र में ईंधन भरते समय एक 55 वर्षीय आदिवासी ग्रामीण को बाघ ने मार डाला था। पिछले कुछ वर्षों में मेलघाट में बाघों के हमलों में वृद्धि हुई है।

कुछ दिन पहले ही चरवाहे की मौत

बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही मेलघाट व्याघ्र प्रकल्प से सटे बारुखेडा के जंगल में बाघ द्वारा किए गए हमले में एक चरवाहे की मौत हो गई थी। जिसके अवशेष कई दिनों बाद मिल पाए थे। उस घटना के समय भी मृतक चरवाहे के साथ मौजूद दूसरा चरवाहा लापता हो गया था। उसे कई दिनों के बाद हिवरखेड के पास स्थित घने जंगलों से बरामद किया गया था।

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