राशन कार्ड (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
अमरावती

मंद गति से राशन कार्ड की मोबाइल लिंक प्रक्रिया, अमरावती में केवल 58.86 प्रतिशत सिडिंग पूर्ण

Ration card: अमरावती जिले में राशन दुकानदारों द्वारा संबंधितों के मोबाइल नंबर फोरजी पॉस मशीन में लिंक किए जा रहे हैं। प्रतीत होता है कि मोबाइल सिडिंग की प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है।

आंचल लोखंडे

Amravati News: नागरिकों को मिलनेवाले राशन की सटिक जानकारी प्राप्त होने से सरकार द्वारा राशनकार्ड को मोबाइल नंबर लिंक करने की योजना बनाई गई। दुकान में अनाज आने के बाद राशनकार्ड धारकों को कितना अनाज मिला इसका एसएमएस संबंधित कार्ड धारक समेत उनके परिवार के सदस्यों को मोबाइल पर भी पता चलेगा। इसके लिए राशन दुकानदारों द्वारा संबंधितों के मोबाइल नंबर फोरजी पॉस मशीन में लिंक किए जा रहे हैं।

प्रक्रिया को करीब डेढ़ वर्ष होने के बावजूद अभी भी 2 लाख 38 हजार 234 कार्डधारकों के मोबाइल नंबर लिंक होना बाकी है। जिससे यह प्रतीत होता है कि मोबाइल सिडिंग की प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। यह आंकडे अन्न आपूर्ति विभाग के वेबसाइड से प्राप्त हुए है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता से राशन का वितरण होने के लिए आपूर्ति विभाग प्रयासरत है। जिसमे समय-समय पर अनेकों बदलाव किए गए हैं।

वर्तमान में भी यह प्रक्रिया शुरू है

लाभार्थियों को उनके हक का राशन मिलना चाहिए। इसके लिए आपूर्ति विभाग द्वारा राशनकार्ड धारकों के मोबाइल नंबर मशीन में जोड़े जा रहे हैं। वर्तमान में भी यह प्रक्रिया शुरू है। इस मोबाइल नंबर पर आने वाले एसएमएस ऑटो जनरेटेड रहने की जानकारी आपूर्ति विभाग ने दी। जिले में कुल 5 लाख 77 हजार 625 कार्डधारक है। इसमें कुल 22 लाख 79 हजार 854 सदस्य संख्या है। इनमें से वर्तमान स्थिति में 3 लाख 39 हजार 391 राशनकार्ड धारकों ने मोबाइल लिंक की प्रक्रिया पूर्ण की है। जो प्रमाण 60 फीसदी है। अभी भी 2 लाख 38 हजार 234 यानि 41 प्रतिशत कार्डधारकों के मोबाइल नंबर लिंक होना बाकी है।

थम्ब नहीं लगा तो ओटीपी से अनाज

कई बार संबंधित राशनकार्ड धारक का थम्ब नहीं लगता। इस समय राशनकार्ड मोबाइल से लिंक करते समय मोबाइल पर ओटीपी दिया जाता है और उसके द्वारा राशनकार्ड धारकों की पहचान करवाकर उन्हें राशन का अनाज मिलता है। यह सुविधा मोबाइल कनेक्ट करने से उपलब्ध होती है। इसके अलावा अनाज के वितरण की जानकारी भी मिलेगी। राशनकार्ड धारकों के परिवार के जितने मोबाइल नंबर लिंक हुए उन सभी सदस्यों को यह सुविधा उपलब्ध रहने की जानकारी आपूर्ति विभाग ने दी।

चांदुर रेलवे तहसील में सबसे कम सिडिंग

अन्न आपूर्ति विभाग की वेबसाइड पर दर्ज आंकडों के अनुसार सबसे कम सिडिंग चांदुर रेलवे तहसील में हुआ है। चांदुर रेलवे तहसील में कुल 23 हजार 114 राशन कार्ड है। जिसमें सिर्फ 6 हजार 280 राशनकार्ड में मोबाइल नंबर सिडिंग किया गया। इसी तरह सबसे अधिक मोबाइल सिडिंग अचलपुर तहसील में हुआ है। जहां कुल 62 हजार 90 राशन कार्ड में से 47 हजार 371 कार्ड मोबाइल नंबर से जुड गए है।

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