Amravati Kailash Mansarovar Pilgrims: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और खराब मौसम के कारण संपर्क टूटने से चिंता में आए अमरावती के कैलास मानसरोवर यात्रियों को लेकर अब राहत की खबर सामने आई है। यात्रा पर गए कांचन विलास पांडे ने अपने परिजनों से संपर्क कर स्वयं के सुरक्षित होने की जानकारी दी है। वहीं नेपाल भ्रमण पर गए अमरावती के 30 वर्षीय श्याम मरोडकर ने भी परिजनों से संपर्क कर सुरक्षित होने की सूचना दी। इससे दोनों परिवारों के साथ जिला प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अमरावती जिला परिषद के शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त लिपिक कांचन विलास पांडे 17 अगस्त को अमरावती से नागपुर, वहां से दिल्ली और फिर नेपाल के लिए रवाना हुए थे। वे कैलास मानसरोवर यात्रा पर गए 17 यात्रियों के समूह में शामिल हैं। नेपाल में बाढ़ के कारण दूरसंचार सेवाएं प्रभावित होने से परिजनों का उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था। शुक्रवार सुबह पांडे ने अपने पति विलास पांडे से संपर्क कर सभी यात्रियों के सुरक्षित होने की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यात्रा दल में पुणे के अनिल आचार्य भी शामिल हैं और सभी यात्री सुरक्षित हैं।प्रशासन की नजर नेपाल की स्थिति पर बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा आवश्यकता पड़ने पर यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इसी तरह बुधवार को नेपाल गए श्याम मरोडकर से भी करीब दो दिन तक संपर्क नहीं हो पाया था। इससे उनके परिजन चिंतित थे। रिश्तेदारों ने अमरावती जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर मदद मांगी थी। प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर संपर्क साधने के प्रयास शुरू किए। शुक्रवार को श्याम मरोडकर ने खुद ही परिजनों से संपर्क कर सुरक्षित होने की जानकारी दी।