अमरावती अस्पताल कांड पर गरजे वडेट्टीवार, बोले- कुंभमेले पर 35 हजार करोड़, अस्पतालों के लिए फंड नहीं

Amravati Newborn Death Case: जिला महिला अस्पताल में नौ नवजातों की मौत पर विजय वडेट्टीवार ने सरकार को घेरा। उन्होंने दोषियों पर केस, परिजनों को 25 लाख मुआवजा और 8 दिन में कार्रवाई की मांग की।
Vijay Wadettiwar Targets Government
नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार के साथ अन्य नेतागण(फोटो नवभारत)
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Vijay Wadettiwar Targets Government: अमरावती जिला महिला अस्पताल में नवजात शिशुओं की मौत के मामले को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार ने महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला।

अस्पताल का दौरा कर घटना की जानकारी लेने के बाद आयोजित पत्रकार परिषद में उन्होंने कहा कि कुंभमेले के लिए 35 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन अस्पताल, स्कूल, डॉक्टर, शिक्षक, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए निधि की कमी बताई जाती है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस कुंभमेले के आयोजन के खिलाफ नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य और शिक्षा को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

जिम्मेदारी स्वीकार कर सत्ता छोड़े सरकार

अस्पताल में हुए हादसे को गंभीर और निंदनीय घटना बताते हुए महाराष्ट्र सरकार से नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर सत्ता छोड़ने की मांग की। उन्होंने जिला शल्य चिकित्सक और पीडब्ल्यूडी के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सदोष मनुष्यवध का मामला दर्ज करने की मांग भी की।

वडेट्टीवार ने कहा कि वर्ष 2022 में भी अस्पताल में ऐसी घटना हुई थी। उस समय समिति गठित कर एक महीने में रिपोर्ट देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन चार साल बाद भी रिपोर्ट सामने नहीं आई। अब नौ नवजातों की मौत के बाद फिर समिति गठित की जा रही है।

उन्होंने इसे सरकार का समय टालने का प्रयास बताया। वडेट्टीवार ने कहा कि घटना को तीन दिन बीतने के बावजूद अभी तक किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।

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'भूमाफिया की सरकार' होने का आरोप

विजय वडेट्टीवार ने सरकार पर 'भूमाफिया की सरकार' होने का आरोप लगाते हुए कहा कि बुनियादी सुविधाओं के लिए निधि नहीं होने का दावा किया जाता है, लेकिन कुछ विधायकों के क्षेत्रों में जमीनों के दाम बढ़ाने के लिए करोड़ों रुपये की निधि आवंटित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि दो विधायक मेडिकल कॉलेज को अपने-अपने क्षेत्र में ले जाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, ताकि उनके क्षेत्रों में जमीनों के दाम बढ़ सकें। आठ दिनों में जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो जिलाधिकारी कार्यालय में धरना देने की चेतावनी उन्होंने दी।

मृत बच्चों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने और बच्चों की जान बचाने वाली नर्स को 5 लाख रुपये का पुरस्कार देने की मांग भी की।

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