Amravati Municipal Election: राजनीति में एक बार फिर राणा दंपति के कारण बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है। रविवार, 4 दिसंबर को पूर्व सांसद नवनीत राणा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के रोड शो में शामिल हुईं और भारतीय जनता पार्टी के लिए जोरदार प्रचार किया। भाजपा के मंच से उन्होंने “डबल इंजन सरकार”, “विकास की राजनीति” और “मजबूत नेतृत्व” की सराहना करते हुए भाजपा उम्मीदवारों को जिताने की अपील की।
हालांकि, महज 24 घंटे के भीतर सोमवार को नवनीत राणा ने अपनी भूमिका बदलते हुए अपने पति एवं विधायक रवि राणा की युवा स्वाभिमान पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में भाजपा उम्मीदवारों के खिलाफ प्रचार किया। इस अचानक बदले रुख से अमरावती शहर में राजनीतिक चर्चाओं को जबरदस्त हवा मिल गई है। एक ही दिन भाजपा के मंच से प्रचार और अगले ही दिन भाजपा विरोधी भूमिका यह विरोधाभास अमरावती की राजनीति का केंद्रबिंदु बन गया है।
आम मतदाताओं से लेकर राजनीतिक गलियारों तक यही सवाल गूंज रहा है कि आखिर नवनीत राणा किसके साथ हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला भावनाओं से अधिक चुनावी रणनीति से जुड़ा हुआ है। इस बार मनपा चुनाव में युवा स्वाभिमान पार्टी के 41 उम्मीदवार और भाजपा के 68 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से 9 प्रभागों में दोनों दलों के बीच सीधी टक्कर है। अन्य क्षेत्रों में भले ही मैत्रीपूर्ण मुकाबले की तस्वीर दिख रही हो, लेकिन जमीनी स्तर पर यह मैत्री कमजोर पड़ती नजर आ रही है। जहां सीधी लड़ाई है, वहां युवा स्वाभिमान पार्टी का प्रचार काफी आक्रामक है। ऐसे में नवनीत राणा के सामने दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है। एक ओर भाजपा के केंद्रीय और राज्य नेतृत्व से उनके राजनीतिक संबंध हैं, तो दूसरी ओर पति रवि राणा की पार्टी और उसके उम्मीदवार। रविवार को भाजपा के रोड शो में शामिल होना जहां राजनीतिक मजबूरी माना जा रहा है, वहीं सोमवार को युवा स्वाभिमान पार्टी के लिए प्रचार को पारिवारिक राजनीति और पार्टी निष्ठा से जोड़ा जा रहा है।
इस दोहरी भूमिका से भाजपा खेमे में असहजता साफ दिखाई दे रही है। भाजपा कार्यकर्ताओं में चर्चा शुरू हो गई है कि “एक तरफ हमारे लिए प्रचार और दूसरी तरफ हमारे खिलाफयह कैसे संभव है?” वहीं दूसरी ओर युवा स्वाभिमान पार्टी के कार्यकर्ता नवनीत राणा के आक्रामक प्रचार से उत्साहित नजर आ रहे हैं।
कुल मिलाकर, अमरावती की राजनीति में राणा दंपति एक बार फिर केंद्र में आ गए हैं। नवनीत राणा की यह दोहरी भूमिका मतदाताओं को किस दिशा में मोड़ेगी, इसका असर भाजपा को झेलना पड़ेगा या युवा स्वाभिमान पार्टी को फायदा होगा। यह तो चुनावी नतीजे ही बताएंगे। फिलहाल शहर की राजनीति “एक दिन भाजपा, अगले दिन भाजपा विरोध” के मुद्दे पर गरमाई हुई है।
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प्रभाग क्रमांक 19 साईनगर में नवनीत राणा की भूमिका विशेष चर्चा का विषय बनी हुई है। रविवार को वे यहां युवा स्वाभिमान पार्टी के प्रचार में शामिल हुईं, जबकि इसी प्रभाग में भाजपा का भी उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। भाजपा की स्टार प्रचारक होने के कारण कुछ दिन पहले तक वे भाजपा के प्रचार में सक्रिय नजर आई थीं। ऐसे में साईनगर में युवा स्वाभिमान पार्टी के उम्मीदवारों के लिए उनका प्रचार करना राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
पति विधायक रवि राणा की पार्टी के लिए खुले तौर पर मैदान में उतरने से यह दोहरी भूमिका और अधिक स्पष्ट हो गई है। इस घटनाक्रम ने न केवल साईनगर बल्कि पूरे अमरावती शहर में राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। आम नागरिकों और मतदाताओं के बीच भी इसको लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।