Amravati Temple Land: तिवसा के समीप शेंदुरजना बाजार स्थित मारोती देवस्थान के स्वामित्व वाली करोड़ों रुपए मूल्य की कृषि भूमि को हड़पने का प्रयास प्रशासनिक स्तर पर विफल हो गया। महाराष्ट्र मंदिर महासंघ की ओर से की गई आपत्ति और प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर चांदूर रेलवे तहसीलदार ने टेनेंसी कानून के तहत जमीन खरीद का आवेदन खारिज कर दिया। इस निर्णय से देवस्थान की भूमि का स्वामित्व सुरक्षित हो गया है।
जानकारी के अनुसार मारोती देवस्थान के स्वामित्व वाली चांदूर रेलवे (भाग-1) स्थित गट क्रमांक 63 की 0.79 हेक्टेयर कृषि भूमि नगर परिषद की सीमा में आती है। इसके चलते भूमि का बाजार मूल्य काफी अधिक है। दामोदर रामभाऊ नागमोते ने कुल कानून के तहत जमीन खरीद का अधिकार प्राप्त करने के लिए चांदूर रेलवे तहसीलदार एवं खेत जमीन न्यायाधिकरण के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था।
इसके बाद भूमि खरीद की प्रक्रिया शुरू की गई थी। मामले की जानकारी मिलते ही महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के राज्य पदाधिकारी अनूप जयस्वाल एवं विनीत पाखोडे ने हस्तक्षेप करते हुए अतिरिक्त गैर-अर्जदार के रूप में आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने प्रशासन के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए बताया कि संबंधित देवस्थान पंजीकृत धार्मिक संस्था है।
दोनों पक्षों की दलीलों एवं दस्तावेजों की जांच के बाद तहसीलदार पूजा एस. माटोडे ने जमीन खरीद का आवेदन खारिज कर दिया गया। इस निर्णय से देवस्थान की करोड़ों रुपए मूल्य की भूमि सुरक्षित हो गई। मामले में महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के राज्य पदाधिकारी अनूप जयस्वाल एवं विनीत पाखोडे के साथ देवस्थान के विश्वस्त सतीश सावरकर, प्रफुल्ल उमप, राजेंद्र सावरकर सहित अन्य विश्वस्तों का योगदान रहा।