एम्बुलेंस सर्विस (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
अमरावती

108 एम्बुलेंस सेवा ने राज्य के 1 करोड़ 14 लाख नागरिकों को दी निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा

108 Ambulance Service: महाराष्ट्र की 108 एम्बुलेंस सेवा ने 11 वर्षों में 1 करोड़ 14 लाख से अधिक नागरिकों को निःशुल्क आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की है।

आंचल लोखंडे

Amravati News: महाराष्ट्र आपातकालीन चिकित्सा सेवा की 108 एम्बुलेंस सेवा राज्य के नागरिकों के लिए लगातार जीवनदायिनी सिद्ध हो रही है। पिछले 11 वर्षों से “डायल 108” के माध्यम से राज्यवासियों को निःशुल्क आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इस सेवा के तहत अब तक 1,14,47,296 रोगियों को निःशुल्क चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है। यह अहम सेवा सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग और भारत विकास समूह (BVG इंडिया) के संयुक्त उपक्रम के रूप में संचालित की जा रही है।

वर्तमान में राज्य में कुल 937 एम्बुलेंस तैनात हैं, जिनमें एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) और बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एम्बुलेंस शामिल हैं। सभी वाहनों में पल्स ऑक्सीमीटर, मेडिकल ऑक्सीजन सहित आवश्यक जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध हैं। यह देश की एकमात्र सेवा है जो 24 घंटे विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में अत्यावश्यक उपचार प्रदान करती है।

पीड़ितों को सहायता

5 दिसंबर तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से 5,44,224 दुर्घटना पीड़ितों को अस्पताल पहुँचाया गया, 31,927 अग्निकांड पीड़ितों को सहायता मिली, 1,03,889 हृदय रोगियों को आपात चिकित्सा उपलब्ध कराई गई, 1,59,551 ऊँचाई से गिरकर घायल हुए रोगियों का उपचार किया गया, 2,67,474 विषाक्तता मामलों में सहायता प्रदान की गई, 17,96,655 प्रसूति मामलों को अस्पताल पहुँचाया गया, तथा 7,399 विद्युत आघात/बिजली गिरने से प्रभावित रोगियों को समय पर उपचार दिलाया गया।

इस प्रकार अब तक सेवा के माध्यम से कुल 1,14,58,316 रोगियों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है। विदर्भ के गोंडवाना क्षेत्र-अमरावती, गढ़चिरोली, चंद्रपुर, यवतमाल, नागपुर, गोंदिया और भंडारा जैसे आदिवासी बहुल जिलों से कुल 1,38,665 नागरिकों ने इस सेवा का लाभ उठाया है।

“108 एम्बुलेंस” बनी 41,516 बच्चों का जन्मस्थल

महाराष्ट्र आपातकालीन सेवा शुरू होने के बाद से अब तक 41,516 बच्चों का जन्म 108 एम्बुलेंस के भीतर हुआ है। इसके साथ ही 17,95,292 गर्भवती महिलाओं को सफलतापूर्वक अस्पताल पहुंचाकर उचित चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। यह सेवा आम नागरिकों के लिए वास्तविक अर्थों में अमृतवाहिनी बन रही है।

सर्पदंश से पीड़ित 1,19,824 लोगों की बचाई जान

ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर होने वाली सर्पदंश की घटनाओं में 1,19,824 नागरिकों को 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से समय पर जीवनरक्षक उपचार प्रदान किया गया है। इनमें अधिकांश मरीज ग्रामीण और किसान वर्ग से जुड़े हैं।

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