Harshjeet Deshmukh Congress Missing MLC: मध्य प्रदेश में उपजे सियासी संकट के तुरंत बाद अब महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव को लेकर राज्य का राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। अमरावती लोकसभा सीट पर महायुति को शिकस्त देने वाली कांग्रेस पार्टी अब अपने ही एमएलसी उम्मीदवार हर्षजीत देशमुख के अचानक गायब हो जाने से बैकफुट पर आ गई है।
कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने बुधवार को आधिकारिक तौर पर बयान जारी कर कहा कि हर्षजीत देशमुख पिछले कुछ दिनों से किसी भी वरिष्ठ नेता या पदाधिकारी के संपर्क में नहीं हैं। पार्टी का सीधा आरोप है कि आगामी चुनाव में अपनी हार सुनिश्चित देखकर सत्तारूढ़ गठबंधन ने हॉर्स-ट्रेडिंग (विधायकों व नेताओं की खरीद-फरोख्त) का सहारा लिया है। इस पूरे मामले ने तब और नाटकीय मोड़ ले लिया जब देश के इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में करोड़ों रुपये के लेन-देन की बात सामने आई।
अमरावती से कांग्रेस की कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने इस मामले में सीधे तौर पर महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मीडिया के सामने बड़ा सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि अमरावती विधान परिषद के इस पूरे चुनाव को 20 करोड़ की भारी रकम देकर मैनेज किया गया है। ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और विपक्ष के उम्मीदवारों को डरा-धमकाकर या खरीदकर चुनावी मैदान से हटाने की साजिश रची जा रही है। इस गंभीर आरोप के बाद अमरावती और नागपुर के राजनीतिक गलियारों में भारी बवाल खड़ा हो गया है।
चार दिनों से रहस्यमय तरीके से लापता चल रहे हर्षजीत देशमुख को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के हवाले से यह खबर सामने आ रही है कि हर्षजीत देशमुख इस समय नागपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी तीखी चर्चा है कि वे अस्पताल के आईसीयू (ICU) वार्ड में होने के बावजूद चुनिंदा लोगों को इंटरव्यू दे रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह बीमारी सिर्फ एक बहाना है, असल में उन्हें पार्टी से दूर रखने के लिए विपक्ष द्वारा पूरी तरह से अंडरग्राउंड या मैनेज कर दिया गया है।
गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न हुए अमरावती लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के बलवंत वानखेड़े ने भाजपा की फायरब्रांड नेता नवनीत राणा को करारी शिकस्त दी थी। माना जा रहा है कि महायुति इस सीट पर अपनी उसी पुरानी हार का बदला लेने की फिराक में थी। महाराष्ट्र में इस समय कुल 17 सीटों (16 नियमित और 1 उपचुनाव) के लिए विधान परिषद के चुनाव हो रहे हैं। इसमें से विपक्ष के उम्मीदवारों द्वारा अपने नामांकन पत्र वापस खींच लिए जाने के कारण भारतीय जनता पार्टी और सहयोगी दलों का महायुति गठबंधन पहले ही छह सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज कर बढ़त बना चुका है।