Amravati Paratwada Road Widening: अमरावती-परतवाड़ा मार्ग को फोर लेन करने के लिए सैकड़ों पेड़ काटने के बजाय, उन्हें बचाकर सड़क चौड़ी करने का विकल्प है क्या, इसकी तलाश करने के निर्देश मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को दिए हैं। वाशिम में सैकड़ों पेड़ और 16 कुओं को बचाकर सड़क बनाने की जो योजना अपनाई गई है, उसका अध्ययन करके उसी तर्ज पर अमरावती-परतवाड़ा मार्ग के लिए विकल्प खोजा जाए।
अमरावती-परतवाड़ा मार्ग के चौड़ीकरण के लिए पेड़ काटने के मामले में हाईकोर्ट ने 2020 में खुद संज्ञान लेकर जनहित याचिका दायर की थी। उस समय पेड़ काटने पर अंतरिम रोक लगा दी गई थी। मंगलवार को जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस रजनीश व्यास की खंडपीठ के सामने इस मामले की सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान एनएचएआई ने अमरावती-परतवाड़ा मार्ग के लगभग सात किलोमीटर के हिस्से में 190 पेड़ काटने की अनुमति देने का अनुरोध किया। इस पर अदालत ने मौखिक टिप्पणी की कि पेड़ काटकर दूसरी जगह क्षतिपूरक पौधारोपण करना सही विकल्प नहीं है। एक जगह पेड़ काटकर दूसरी जगह पौधे लगाने से, काटे गए पेड़ों के आसपास की हरियाली और स्थानीय नागरिकों को आखिर क्या फायदा मिलेगा, यह सवाल भी अदालत ने उठाया, खंडपीठ ने एनएचएआई को निर्देश दिया कि वाशिम के प्रयोग का अध्ययन किया जाए।
अदालत ने बताया कि वाशिम में एनएचएआई I ने सैकड़ों पेड़ और 16 कुएं बचाकर सड़क बनाने की योजना लागू की है। क्या अमरावती-परतवाड़ा मार्ग के लिए भी इसी तरह का तरीका अपनाया जा सकता है, इस पर विचार किया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि एनएचएआई के अधिकारी वाशिम में जाकर वहां की सड़क निर्माण की योजना का प्रत्यक्ष अध्ययन करें और उसके आधार पर अमरावती-परतवाड़ा मार्ग के लिए पेड़ों को बचाकर चौड़ीकरण का विकल्प पेश करें। इस मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी। इस मामले में कोर्ट मित्र के रूप में एड। दीपक ठाकरे और ने, और राज्य सरकार की एड. सुधीर पुराणिक ने, ओर से एड. अभिजीत देशपांडे ने पक्ष रखा।
राष्ट्रीय राज महामार्ग निर्माण विभाग को भी कोर्ट में प्रभावी हलफनामा देकर सड़क निर्माण की अनुमति लेनी होगी। नई सड़क के दोनों ओर पौधारोपण कर उसका योग्य संवर्धन करने के लिए सड़क निर्माण कृति समिति के संजीव डागा ने अपनी तैयारी दर्शाई है। युवा उद्योजक डागा ने चांदूर बाजार नाके से लेकर फिनले मिल की दिशा में आधा किमी क्षेत्र में पौधारोपण कर संवर्धन करने के पूरे खर्च को वहन करने की घोषणा कर रखी है इससे नेशनल हाईवे का खर्च बचेगा क्षेत्र की अधिकांश ग्राम पंचायत द्वारा इस सड़क का तत्काल निर्माण शुरू करने के प्रस्ताव पारित कर कृति समिति को दिए गए हैं।
अमरावती से परतवाड़ा के वज्झर ग्राम तक 55 किमी की सड़क फोरलेन करने की मांग को लेकर विगत दिनों ही एक कृति समिति का गठन किया गया है। समिति के अध्यक्ष प्रमोद डेरे है जबकि सचिव की जिम्मेदारी जितेंद्र रोड़े को दी गई। विगत दिनों स्थानीय सर्किट हाउस में संपन्न हुई एक सभा में उक्त सड़क के अत्याधुनिक निर्माण के लिए सर्वोपरि प्रयत्न करने का निर्णय लिया गया। कुछ वर्षों से यह मसला उच्च न्यायालय में प्रविष्ट होने से सड़क बनने का कार्य प्रभावी ढंग से शुरू नहीं हो पा रहा है।
हालांकि स्थानीय विधायक प्रवीण तायडे ने आसेगांव से परतवाड़ा तक की सड़क के चौड़ीकरण हेतु सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर यह मार्ग एचएएम योजना अंतर्गत बनाने को मंजूरी प्राप्त कर ली है। उल्लेखनीय यह भी है कि अमरावती से परतवाड़ा तक की यह सड़क तीन अलग-अलग विधायकों के कितु एक ही दल के एमएलओं के क्षेत्र से जुड़ी है। इसके लिए संयुक्त प्रभावकारी राजनीतिक प्रयास जरूरी है।