Amravati Police Action: ग्रामीण पुलिस ने पुणे में संचालित हो रहे ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के एक बड़े आर्थिक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की विशेष टीम ने पुणे में छापेमारी कर तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्राथमिक जांच में करीब 3 करोड़ रुपए की साइबर धोखाधड़ी का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
जिले के शिरजगांव थाने में आम नागरिकों के बैंक खातों का दुरुपयोग कर ऑनलाइन गेमिंग व सट्टेबाजी के जरिए करोड़ों रुपए के संदिग्ध लेन-देन का मामला सामने आया था। जिसकी जांच साइबर पुलिस को सौंपी गई थी।
तकनीकी विश्लेषण और बैंक खातों की गहन पड़ताल के दौरान साइबर पुलिस को इस गिरोह के तार पुणे से जुड़े होने के सबूत मिले। साइबर पुलिस की टीम ने तुरंत पुणे पहुंचकर धायरी स्थित अर्णव हाइट्स, यमुनाताई पोखले नगर के एक फ्लैट में दबिश दी। पुलिस ने मौके से आरोपी भूषण सुभाषराव दंडाले (23, कुर्डी, सुरली, वरुड, अमरावती), रोशननंद राजू दंडाले (28, सावंगा वरुड, अमरावती) व अंकित विठ्ठलराव मसुले (26, जरुड, वरुड अमरावती) को हिरासत में लिया। इस मामले में अब तक कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस द्वारा जब्त मोबाइल और लैपटॉप की प्रारंभिक जांच से स्पष्ट हुआ है कि इनका उपयोग ऑनलाइन गेमिंग, बेटिंग और अवैध वित्तीय लेन-देन के लिए किया जा रहा था। बैंक खातों के प्राथमिक विश्लेषण में अब तक लगभग 3 करोड़ रुपए के साइबर फ्रॉड का पता चला है। पुलिस इन खातों के अंतिम लाभार्थियों और इस वित्तीय साठगांठ से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
उक्त कार्रवाई पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम के मार्गदर्शन में अपर पुलिस अधीक्षक दत्ता तोतेवाड, साइबर थाने के प्रभारी पुलिस निरीक्षक अशोक लांडे के नेतृत्व में एपीआई अमोल पुरी, पीएसआई सुनील बंसोड, प्रवीण वानखडे, पंकज गोलाइटकर, प्रवीण अबाडकर, गुणवंत शिरसाठ, विकास अंजिकर, रितेश गोसावी, राहुल गौरखेडे, आशिष जांभुले, सुमित चव्हाण, पूनम कान्होलीकर, कल्पना सोनोत्रे, सरिता चौधरी तथा चालक इमरान ने की।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से डिजिटल और बैंकिंग से जुड़ा भारी सामान जब्त किया है। जिसमें 24 मोबाइल हैडसेट, 4 लैपटॉप, 29 विभिन्न बैंकों के एटीएम/डेबिट कार्ड, 13 चेकबुक, 7 बैंक पासबुक, 12 विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड ऐसा कुल 4 लाख 40 हजार रूपए का माल जब्त किया।
पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम ने कहा कि नागरिक किसी भी तरह के लालच में न आएं। अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड, आधार लिंक मोबाइल नंबर या बैंकिग क्रेडेंशियल किसी भी अज्ञात व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दे। ऐसे खातों का उपयोग साइबर ठगी, सट्टेबाजी और अवैध गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।