प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
अमरावती

अमरावती का नया कीर्तिमान: 1,432 ग्राम पंचायतें बनीं 'ओडीएफ प्लस' मॉडल, स्वच्छता अभियान को मिली नई ऊंचाई

Waste Management Amravati: अमरावती 1,432 ग्राम पंचायतें 'ओडीएफ प्लस' मॉडल घोषित। 5 हजार से अधिक आबादी वाले 42 गांव भी शामिल। ठोस व सांडपानी प्रबंधन और स्वच्छता जनजागरूकता से जिले ने रचा नया कीर्तिमान।

रूपम सिंह

Amravati ODF Plus Model Villages News: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिले की कुल 1,432 ग्राम पंचायतों को 'ओडीएफ प्लस' मॉडल गांव का दर्जा प्रदान किया गया है। विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर इन गांवों की आधिकारिक घोषणा की गई। स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में इसे जिले की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

केंद्र सरकार की पहल पर ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) अभियान व्यापक स्तर पर चलाया गया। गांव-गांव में व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों का निर्माण, नियमित साफ-सफाई, खुले में शौच पर प्रतिबंध तथा जनजागरूकता अभियान चलाए गए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी और स्वास्थ्य स्तर में सुधार देखने को मिला। ग्रामीण स्वच्छता की दिशा में यह पहल न केवल स्वास्थ्य सुधार का आधार बनी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

42 गांवों की आबादी 5 हजार से अधिक

'ओडीएफ प्लस' घोषित गांवों में 42 गांव ऐसे हैं जिनकी जनसंख्या 5 हजार से अधिक है। इनमें अचलपुर के 5, अमरावती के 7, अंजनगांव सुर्जी के 2, भातकुली के 4, चांदूर बाजार के 8, दर्यापुर के 2, धामणगांव रेलवे के 2, मोर्शी के 6 तथा वरुड के 6 गांव शामिल हैं। कुल 14 में से 9 तहसीलों के गांव इस उपलब्धि में शामिल हैं।

स्वच्छता में जिले ने रचा नया कीर्तिमान

अमरावती जिले ने स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाते हुए 1,432 ग्राम पंचायतों को 'ओडीएफ प्लस' मॉडल का दर्जा दिलाया है। यह उपलब्धि ग्रामीण स्वच्छता के क्षेत्र में जिले की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसी कड़ी में सातारा जिले के 76 गांवों को भी 'ओडीएफ प्लस' मॉडल घोषित किया गया है। जिले के 14 तहसीलों के कुल 1,588 गांवों में से अब तक 1,432 गांवों को मॉडल घोषित किया जा चुका है। 46 गांव उजाड़ श्रेणी में हैं, जबकि 8 गांव पुनर्वसित हैं। 17 गांवों को अभी 'ओडीएफ प्लस' घोषित किया जाना बाकी है और 6 गांवों में कार्य प्रगति पर है।

ओडीएफ प्लस' की दिशा में अगला कदम

ओडीएफ के बाद शासन द्वारा 'ओडीएफ प्लस' अभियान लागू किया गया। इसके तहत सांडपानी (गंदे पानी) का प्रबंधन, ठोस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से संग्रह और निपटान, नालों का सौंदर्याकरण तथा उद्यानों का निर्माण जैसे कार्य किए गए। ग्राम स्तर पर सभी सूचनाएं ऑनलाइन प्रणाली में दर्ज की जाती हैं और भौतिक सत्यापन के बाद पात्र गांवों को 'ओडीएफ प्लस' घोषित किया जाता है।

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