Amravati Helmet Campaign: अमरावती ग्रामीण जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और लोगों की जान बचाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन द्वारा लागू की गई हेलमेट अनिवार्यता का सकारात्मक असर सामने आने लगा है। पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम के निर्देशानुसार जिले के सभी 31 पुलिस थानों के अधिकार क्षेत्र में दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया है।
पुलिस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य चालान काटना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक कर जान बचाना है। हेलमेट अभियान से दिखा असरपुलिस विभाग के अनुसार 22 जून 2026 से पूरे अमरावती ग्रामीण क्षेत्र में हेलमेट नियम सख्ती से लागू किया गया।
इसके बाद यातायात नियमों के पालन में सुधार आया है और सड़क दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई है। पुलिस लगातार हेलमेट पहनने, निर्धारित गति से वाहन चलाने और अन्य यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूकता अभियान भी चला रही है।
आंकड़ों में दर्ज हुई कमीपुलिस विभाग के तुलनात्मक आंकड़ों के अनुसार 1 मई से 15 जुलाई 2026 के बीच जिले में 48 जानलेवा सड़क हादसे हुए, जिनमें 54 लोगों की मृत्यु हुई। जबकि वर्ष 2025 की इसी अवधि में 64 जानलेवा दुर्घटनाओं में 70 लोगों की जान गई थी।
यानि इस वर्ष जानलेवा हादसों और मृतकों की संख्या में 1616 की कमी दर्ज की गई है। हेलमेट नहीं पहनना बना मौत का कारण पुलिस की समीक्षा में सामने आया कि अधिकांश मृतक दुपहिया वाहन चालक थे, जिन्होंने हेलमेट नहीं पहना था।
दुर्घटना के समय सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मृत्यु हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि आईएसआई मार्क वाला गुणवत्तापूर्ण हेलमेट सिर की गंभीर चोट के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है। नागरिकों से सहयोग की अपीलपुलिस अधीक्षक निकेतन कदम ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं के साथ दुपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट अवश्य पहनाएं।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। यातायात नियमों का पालन कर अनेक दुर्घटनाओं और असमय होने वाली मौतों को रोका जा सकता है। पुलिस प्रशासन का विश्वास है कि जनसहभागिता और जागरूकता से जिले में सड़क दुर्घटनाओं में और अधिक कमी लाई जा सकती है।