Amravati BPCL Plant Project : अमरावती में 100 करोड़ रुपये के बायोगैस प्रोजेक्ट को लंबी बहस के बाद महानगरपालिका की आमसभा ने मंजूरी दे दी है।
सुकली स्थित घनकचरा प्रकल्प के पास 7.5 एकड़ जमीन पर बनने वाले इस प्लांट का निर्माण नवरत्न कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) करेगी। गीले कचरे और अन्य जैविक अपशिष्ट से रोजाना करीब 10 टन बायोगैस तैयार करने की योजना है।
महानगरपालिका की सर्वसाधारण सभा में 100 करोड़ रुपये की लागत से शहर और औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले जैविक कचरे पर आधारित कॉम्प्रेस्ड बायोगैस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई। प्रोजेक्ट को लेकर सदन में काफी देर तक चर्चा हुई। इसके बाद महापौर श्रीचंद तेजवानी ने आयुक्त के अभिभाषण के बाद प्रोजेक्ट को मंजूरी देने की घोषणा की।
प्रोजेक्ट का निर्माण सुकली स्थित मौजूदा घनकचरा प्रकल्प के समीप किया जाएगा। इसके लिए महानगरपालिका की ओर से वर्ष 2011 में अधिग्रहित 7.5 एकड़ जमीन का उपयोग किया जाएगा।
प्रस्तावित प्लांट में शहर से निकलने वाले गीले कचरे के साथ जिले के औद्योगिक प्रकल्पों से निकलने वाले जैविक बाय-प्रोडक्ट और किसानों के खेतों से निकलने वाले कृषि अपशिष्ट का इस्तेमाल किया जाएगा। इन कचरा स्रोतों से बायोगैस तैयार करने की योजना है।
महानगरपालिका आयुक्त मंगेश गोंदावले के अनुसार, सदन से मंजूरी और कंपनी के साथ अधिकृत समझौते की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रोजेक्ट के निर्माण में करीब दो वर्ष लगने की संभावना है। प्लांट में प्रतिदिन लगभग 10 टन बायोगैस का उत्पादन प्रस्तावित है।
प्रोजेक्ट के लिए BPCL की ओर से महानगरपालिका को ₹37 हजार डिपॉजिट और ₹1,50,500 वार्षिक किराया दिए जाने की जानकारी दी गई। केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत भी इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने की बात सामने आई है।
हाल ही में महापौर, उपमहापौर और विभिन्न दलों के गुटनेताओं के संयुक्त विशेष दल ने सातारा जिले के अहेरी तहसील के खंडाला गांव में इसी तरह के प्रोजेक्ट का दौरा कर इसकी जानकारी ली थी।
सत्तापक्ष के नेता सदन चेतन गावंडे ने कहा कि नवरत्न कंपनी द्वारा बनाया जाने वाला यह प्रोजेक्ट शहर के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, इससे पर्यावरण के साथ किसानों को भी लाभ मिल सकता है और रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
स्थायी समिति सभापति अविनाश मार्डी ने कहा कि प्रोजेक्ट से मनपा की आय के स्रोत में बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने किराया और डिपॉजिट की राशि बढ़ाने के लिए प्रयास करने की बात कही।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष विलास इंगोले ने अधिग्रहित जमीन के उपयोग को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि जमीन किसानों की है, इसलिए प्रोजेक्ट का लाभ किसानों तक भी पहुंचना चाहिए और जमीन का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया जाना चाहिए।