Rainfall Shortage In Amravati: अमरावती जिले में मानसून के बीच एक बार फिर बारिश की बेरुखी देखने को मिल रही है। शनिवार को सुबह से अमरावती शहर सहित जिले के कई इलाकों में काले बादल छाए रहे। कुछ स्थानों पर हल्की फुहारों ने दस्तक दी, लेकिन जोरदार बारिश नहीं हुई। इससे किसानों को एक बार फिर निराशा का सामना करना पड़ा। उपलब्ध तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार जून से अब तक जिले में कुल 496.8 मिमी बारिश दर्ज हुई है। यह इसी अवधि की सामान्य 387.7 मिमी बारिश से 109.1 मिमी अधिक है। हालांकि, जून से सितंबर तक होने वाली 862 मिमी की सामान्य मानसूनी बारिश की तुलना में अब तक केवल 57.6 प्रतिशत बारिश ही दर्ज हुई है। ऐसे में आगामी दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद बनी हुई है।
अगस्त में भी बारिश का जोर कमजोरजिले में शुक्रवार तक अगस्त में 14 मिमी बारिश दर्ज हुई थी, जबकि शनिवार को जिले में औसतन महज 0.2 मिमी बारिश हुई। इससे अगस्त के शुरुआती दिनों में भी मानसून के कमजोर रहने का संकेत मिल रहा है। लगातार बादल छाने के बावजूद अपेक्षित बारिश नहीं होने से खेतों में फसलों को पर्याप्त नमी नहीं मिल पा रही है। यदि आने वाले दिनों में बारिश ने जोर नहीं पकड़ा तो इसका असर खरीफ फसलों की स्थिति पर पड़ सकता है। नांदगांव खंडेश्वर में सबसे अधिक बारिशजून से अब तक सामान्य बारिश की तुलना में नांदगांव खंडेश्वर में 140.6 प्रतिशत और चांदूर रेलवे में 123.6 प्रतिशत बारिश दर्ज हुई है।
दर्यापुर में 105.8, अंजनगांव सुर्जी में 105.4, चांदूर बाजार में 103.4 और धामणगांव रेलवे में 96.9 प्रतिशत बारिश हुई है। इन तहसीलों में बारिश की स्थिति जिले के अन्य हिस्सों की तुलना में बेहतर है। वहीं चिखलदरा में 74.1 प्रतिशत, धारणी में 84, अमरावती में 89.2 और भातकुली में 75 प्रतिशत बारिश दर्ज हुई है। अचलपुर में यह आंकड़ा केवल 66.5 प्रतिशत, जबकि वरुड में 72.7 प्रतिशत है। इससे जिले के कई हिस्सों में बारिश की कमी साफ दिखाई देती है। विशेषकर अचलपुर और वरुड में सामान्य की तुलना में कम बारिश किसानों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।
शनिवार को अमरावती शहर सहित जिले के कई हिस्सों में सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे। कुछ स्थानों पर हल्की फुहारें पड़ने से वातावरण में ठंडक बनी, लेकिन अपेक्षित जोरदार बारिश नहीं हुई। मौसम के बदले मिजाज के बीच किसान अब अच्छी बारिश की राह देख रहे हैं। आगामी दिनों में मानसून सक्रिय होने पर ही बारिश की कमी काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है।