राज ठाकरे की रैलियों में भीड़, फिर क्यों नहीं मिलते वोट? MNS चीफ ने चुनाव आयोग और BJP पर लगाए गंभीर आरोप

Raj Thackeray on Election Commission Controversy: MNS प्रमुख राज ठाकरे ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग की।
Raj Thackeray Social Media Post on Election Commission Controversy Gyanesh Kumar
राज ठाकरे, इनसेट- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
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Raj Thackeray Social Media Post on Election Commission Controversy: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने देश की चुनावी प्रक्रिया और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की निष्पक्षता पर बेहद गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए सनसनीखेज दावे किए है। राज ठाकरे ने दावा किया है कि चुनाव आयोग का इस्तेमाल करके और वोटर लिस्ट में मनमाने ढंग से हेरफेर कर भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव जीते हैं। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे की मांग की है और कहा है कि उनके पीछे डोर हिलाने वाले 'मास्टरमाइंड' की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

पश्चिम बंगाल वोटर लिस्ट में धांधली और अधिकारियों के अधिकार पर सवाल

राज ठाकरे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट करते हुए पूछा कि पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट में शामिल किए गए वोटरों के खिलाफ कमीशन की तरफ से अपील करने का अधिकार अधिकारियों को किसने दिया?

ठाकरे जानकारी देते हुए लिखा कि पश्चिम बंगाल में 16.1 लाख अपीलें दायर की गई थीं। हालांकि यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि कमीशन ने सभी अपीलें दायर की थीं, लेकिन बहुत ज्यादा संभावना है कि बड़ी संख्या में अपीलें दायर की गई थीं और वह भी बिना किसी सही अधिकार के। ऐसी और भी आपत्तियां हैं।

इसका मतलब है कि वोटर लिस्ट में मनमाने ढंग से हेरफेर किया गया, जिससे स्थानीय चुनाव रजिस्ट्रेशन अधिकारियों और यहां तक ​​कि राज्य-स्तर के अधिकारियों की असली ताकत खत्म हो गई। अगर दूसरे चुनाव आयुक्तों से सलाह ही नहीं ली गई, तो किसी और से क्या उम्मीद की जा सकती थी?

राज ठाकरे ने ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप

राज ठाकरे ने कहा कि जब से ज्ञानेश कुमार चुनाव आयुक्त बने हैं, बिहार, असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हुए हैं। इसी दौरान, महाराष्ट्र में नगर निगमों और स्थानीय स्व-शासन निकायों के चुनाव हुए। हमने इन सबके नतीजे देखे; इसके अलावा, महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के मामले में हमने देखा और उसके नतीजे भी भुगते कि कैसे राज्य चुनाव आयोग लगातार निर्देशों के लिए दिल्ली की ओर देखता रहा।

पिछले दस महीनों में, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 14 अलग-अलग मौकों पर चुनाव आयोग के कामकाज की खुलकर आलोचना की है, फिर भी, आयोग पर इसका कोई असर नहीं हुआ और उसने वही किया जो वह करना चाहता था।

राज ठाकरे ने कहा कि चुनाव आयोग में अभी तीन सदस्य हैं एक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दो चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी। उनमें से दो ने आपत्तियां जताईं, जिससे ऐसा लग रहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मनमाने ढंग से फैसले ले रहे थे।

राज ठाकरे ने चुनाव आयोग पर लगाया फिक्सिंग का आराेप

मनसे प्रमुख ने लिखा कि संक्षेप में कहे तो 'मैच-फिक्सिंग' हुई, जिसका आरोप महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना जैसी पार्टियां लगाती रही थीं, और जो अब सबूतों के साथ साबित हो गया है। अब ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के अलावा कोई चारा नहीं है, और उनके पीछे से डोर हिलाने वाले 'मास्टरमाइंड' की भी जांच होनी चाहिए। बेशक, सवाल यह है कि ऐसी जांच कौन करेगा जब हर कोई पहले ही झुक चुका है? फिर भी, जांच तो होनी ही चाहिए।

राज ठाकरे ने दोनों चुनाव आयुक्तों को मजबूती से खड़े रहने और आपत्तियां उठाने के लिए बधाई दी। यह पक्का है कि उनसे प्रेरणा लेकर, अब कई अन्य अधिकारी भी अपनी बात रखेंगे।

MNS ने कई बार उठाए चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल

महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के बाद भी, MNS कार्यकर्ता समय-समय पर चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर आपत्तियां उठाते रहे। हमारा काम पहले से ही चल रहा था, जैसा कि अन्य विपक्षी पार्टियों का भी। राज ठाकरे ने सभी विपक्षी पार्टियों से अपील करते करते हुए कहा कि इन खुलासों के बाद कि मुख्य लड़ाई चुनाव आयोग के कामकाज के खिलाफ है; यह लड़ाई और अधिक ताकत और एकता के साथ लड़ी जानी चाहिए।

राज ठाकरे ने विपक्ष से की एकजुट होकर आंदोलन की अपील

राज ठाकरे ने कहा कि यह साफ हो गया है कि BJP ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करके और चुनाव आयोग का इस्तेमाल करके चुनाव कैसे जीते। इस लड़ाई का अगला चरण EVM से जुड़ा है। कमजोर पड़ चुका चुनाव आयोग और EVM, ये दो हथियार हैं जिनका इस्तेमाल BJP सरकार कर रही है। अब सभी विपक्षी पार्टियों को EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को लेकर एक बड़ा आंदोलन शुरू करना चाहिए।

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राज ठाकरे ने बीजेपी की जीत पर उठाए सवाल

MNS चीफ राज ठाकरे ने कहा कि सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त को ही इस्तीफा नहीं देना चाहिए, बल्कि ऐसे कमजोर चुनाव आयोग की मदद से सत्ता में आई सरकार को भी हट जाना चाहिए। बहुमत से जीतने का दावा करने वाली सरकार के चुने जाने के बाद सड़कों पर कोई जश्न नहीं मनाया गया, यह बात बहुत कुछ कहती है। मैं तो शुरू से यही कहता आ रहा हूं।

इसलिए, सभी को यह असलियत समझनी चाहिए, सत्ताधारी सरकार को तभी नीचे गिराया जा सकता है जब चुनाव आयोग को उसकी उम्मीद के मुताबिक आजादी वापस मिले; वरना, यह लड़ाई कभी खत्म नहीं होगी।

राज ठाकरे बोले- रैलियों में भीड़, फिर वोट क्यों नहीं मिलते

राज ठाकरे ने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा कि BJP समर्थक पत्रकार अक्सर पूछते हैं, "आपकी रैलियों में तो भारी भीड़ जुटती है, फिर वोट कहां चले जाते हैं?" आज उन्हें इसका जवाब मिल गया होगा, हमारे वोट कौन चुराता है, और ऐसा करने में उन्हें किसकी मदद मिलती है।

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