प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
अमरावती

अमरावती: निर्माण श्रमिकों को किट वितरण के दौरान मची अफरा-तफरी, प्रशासन ने लगाई रोक

Amravati News: अमरावती में किट वितरण के दौरान 3000 मजदूरों की भीड़ से अव्यवस्था फैली। जिलाधिकारी ने वितरण रोककर अब तहसील स्तर पर प्रतिदिन केवल 500 श्रमिकों को किट देने नए निर्देश जारी किए हैं।

रूपम सिंह

Amravati Labour Kit News: नांदगांव खंडेश्वर मार्ग के रेणुका विहार परिसर में निर्माणकार्य श्रमिकों को गृहउपयोगी वस्तुओं की कीट का वितरण 10 फरवरी से शुरू किया गया। एक दिन में 3 हजार मजदूर बुलाए गए थे, जिससे कानून व्यवस्था बिगड़ने की संभावना थी। मजदूर रात 11 बजे तक कतारों में दिखाई दिए। जिसके कारण वितरण पर अस्थायी रोक लगा दी है। वहीं अब तहसीलस्तर पर एक दिन में 500 मजदूरों को कीट वितरित करने की योजना बनाने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए हैं।

एक दिन में 500 श्रमिकों को ही किट

जिला प्रशासन ने कहा कि किट वितरण का कार्य तहसील स्तर पर किया जाए। इसके लिए उपविभागीय अधिकारी, तहसीलदार एवं पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर उचित योजना बनाने के निर्देश दिए। भविष्य में प्रत्येक तहसील में एक दिन में अधिकतम 500 श्रमिकों को ही किट वितरित की जाएगी। साथ ही किसी भी वितरण कार्यक्रम को शुरू करने से पूर्व जिला प्रशासन से पूर्वानुमति लेना अनिवार्य होगा।

जिलाधिकारी तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष आशिष येरेकर ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 एवं धारा 56 के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए किट वितरण के दौरान किसी भी प्रकार की जन-धन हानि न हो, इसके लिए सभी आवश्यक एहतियाती उपाय करने निर्देश जारी किए। आदेश की अवहेलना या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 56 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

अब प्रति दिन केवल 3,000 श्रमिक बुलाने की व्यवस्था

मुंबई महाराष्ट्र इमारत व अन्य निर्माणकार्य कामगार कल्याणकारी मंडल के अंतर्गत पंजीकृत जीवित (सक्रिय) निर्माण श्रमिकों को गृह उपयोगी वस्तु किट, सुरक्षा किट एवं अत्यावश्यक किट के वितरण को लेकर अमरावती में उत्पन्न अव्यवस्था के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। 10 फरवरी से अमरावती जिले में नांदगांव खंडेश्वर रोड स्थित रेनुका विहार परिसर में किट वितरण शुरू किया गया था।

अमरावती जिले के सभी 14 तहसीलों के श्रमिकों को एक ही स्थान पर बुलाए जाने के कारण प्रतिदिन लगभग 3000 श्रमिकों को ऑनलाइन अपॉइंटमेंट दिए गए, जिससे भारी भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई। बड़े पैमाने पर भीड़ एकत्र होने से कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हुई।

वहीं 11 फरवरी को भी रात 11 बजे तक श्रमिकों की भीड़ बनी रही, जिससे संभावित जन-धन हानि की आशंका बढ़ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने 13 फरवरी 2026 से उक्त वितरण कार्य तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए है। साथ ही मंडल को इस संबंध में सभी श्रमिकों को तत्काल सूचित करने के निर्देश दिए है।

  • रात 11 बजे तक कतारें बनी रहीं
  • भविष्य में वितरण तहसील स्तर पर होगा
  • प्रति दिन अधिकतम 500 श्रमिकों को किट
  • पूर्वानुमति के बिना कोई वितरण नहीं
  • आवश्यक एहतियाती उपाय और कानूनी कार्रवाई

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