Amravati Municipal Corporation (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया) 
अमरावती

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अमरावती महापौर की अधिकारियों को चेतावनी

Municipal Review Meeting: अमरावती महानगरपालिका में जन्म-मृत्यु पंजीकरण विभाग की समीक्षा बैठक में महापौर श्रीचंद तेजवानी ने अधिकारियों को समय पर और नियमानुसार प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए।

महाराष्ट्र डेस्क

Amravati Municipal Corporation: अमरावती महानगरपालिका के जन्ममृत्यु पंजीकरण विभाग के कामकाज की समीक्षा के लिए महापौर श्रीचंद तेजवानी की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक के दौरान महापौर ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को नागरिकों को जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र समय पर, सटीक और नियमानुसार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

यदि गलत तरीके से प्रमाण पत्र जारी करने या कामकाज में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियम विरुद्ध काम पाया गया, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ तत्काल कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।पारदर्शी हो प्रक्रियामहापौर ने अधिकारियों से कहा कि प्रमाण पत्र प्राप्त करने में आम नागरिकों को किसी भी तरह की परेशानी या मानसिक तनाव का सामना न करना पड़े।

महापौर श्रीचंद तेजवानी सख्त

इस वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, कुशल और तेज बनाने के लिए जो भी आवश्यक उपाय हैं, उन्हें तुरंत लागू किया जाए।बैठक में जनता से जुड़ी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभागों के बीच समन्वय तालमेल बढ़ाने, नागरिकों की शिकायतों का तुरंत निवारण करने और पूरी पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र समय पर देने के निर्देश

बैठक में सदन के नेता चेतन गावंडे, पार्षद आशीष अतकरे, एड। प्रशांत देशपांडे, अतिरिक्त आयुक्त शिल्पा नाईक, उपायुक्त योगेश पिठे, चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विशाल काले, जन्ममृत्यु विभाग की चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रतिभा आत्राम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

Delhi Rally: रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली; देशभर से जुटे विपक्षी नेता, CEC का इस्तीफा रहा मुद्दा

रामलीला मैदान रैली में 1 KM लंबी वोटर लिस्ट लेकर पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता, देखें VIDEO

स्कूल में छात्रा पर आरी से हमला करने वाले आरोपी का एनकाउंटर, पुलिस के साथ मुठभेड़ में लगी 6 गोली; देखें VIDEO

समालखा: 79वें निरंकारी संत समागम के बाद 126 जोड़ों का विवाह, सतगुरु माता सुदीक्षा जी ने दिया आशीर्वाद

न्याय के लिए दिल्ली आने की जरूरत नहीं होनी चाहिए, CJI सूर्यकांत ने क्यों कही यह बात?