नागपुर कस्तूरचंद पार्क विवाद: मुख्य न्यायाधीश के सामने उठा मामला; निशांक नायक की याचिका पर HC में सुनवाई आज

Nagpur High Court: नागपुर के ऐतिहासिक कस्तूरचंद पार्क को आम नागरिकों और खेल गतिविधियों के लिए फिर से खोलने की मांग वाली जनहित याचिका पर मंगलवार को हाई कोर्ट में सुनवाई होने की उम्मीद है।
Nagpur Kasturchand Park dispute: Matter raised before the Chief Justice; High Court hearing today on Nishank Nayak's petition.
कस्तूरचंद पार्क, जनहित याचिका, नागपुर हाई कोर्ट,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur High Court Kasturchand Park: नागपुर शहर के मध्य में स्थित ऐतिहासिक कस्तूरचंद पार्क को आम जनता, खेल और सार्वजनिक गतिविधियों के लिए फिर से खोलने की मांग को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। इस पर मंगलवार को सुनवाई होने की आशा जताई जा रही है।

याचिका पर लंबे समय से सुनवाई न होने के कारण सोमवार को इसे मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर के समक्ष उठाया गया था, जिसके बाद उन्होंने मामले की सुनवाई मंगलवार के लिए निर्धारित की है। यह जनहित याचिका हंसापुरी निवासी निशांक उदेश नायक ने दायर की है। याचिका में राज्य सरकार, जिला कलेक्टर, नागपुर नगर आयुक्त और संबंधित सक्षम प्राधिकारी को प्रतिवादी बनाया गया है।

कस्तूरचंद पार्क खोलने की मांग, खेल मैदान होने का दिया हवाला

खेल मैदान के रूप में है आरक्षित याचिका के अनुसार सरकारी अभिलेखों में कस्तूरचंद पार्क को 'खेल का मैदान' के रूप में आरक्षित किया गया है। 100 वर्षों से भी अधिक समय से इस ऐतिहासिक मैदान का उपयोग विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं, व्यायाम, दौड़, पैदल चलने और अन्य सार्वजनिक गतिविधियों के लिए किया जाता रहा है।

याचिकाकर्ता ने बताया है कि 4 अक्टूबर, 2021 तक शहर के नागरिक नियमित रूप से इस मैदान का उपयोग करते थे लेकिन इसके बाद प्रशासन द्वारा अचानक मैदान का प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया और सुरक्षा गार्ड तैनात कर आम नागरिकों का प्रवेश वर्जित कर दिया गया।

कोई आदेश पारित नहीं

याचिका में दावा किया गया है कि पिछली एक अन्य जनहित याचिका (सुमोतो बनाम महाराष्ट्र राज्य) में भी उच्च न्यायालय ने नागरिकों के लिए कस्तूरचंद पार्क को बंद करने का कोई आदेश पारित नहीं किया था। इसके बावजूद संबंधित प्रशासन ने बिना किसी स्पष्ट कानूनी आदेश के अपनी मनमानी करते हुए मैदान को आम जनता के लिए प्रतिबंधित कर दिया।

मैदान के इस तरह अचानक बंद किए जाने से खिलाड़ियों, वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों और सुबह की सैर करने वाले नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। याचिकाकर्ता ने उच्च्च न्यायालय से गुहार लगाई है कि कस्तूरचंद पार्क को तत्काल प्रभाव से आम जनता के लिए खोलने के निर्देश जारी किए जाएं। नागरिकों को फिर से मैदान पर खेलने, दौड़ने, चलने, जॉगिंग करने और अन्य खेल गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति दी जाए।

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