अमरावती पुलिस आयुक्तालय (सौ. सोशल मीडिया ) 
अमरावती

Solar Power से रोशन होगा अमरावती पुलिस आयुक्तालय, 105 किलोवॉट की सौर ऊर्जा परियोजना शुरू

PM Narendra Modi का लक्ष्य पूरे भारत में सोलर एनर्जी के उपयोग को बढ़ाना है। ऐसे में अमरावती पुलिस आयुक्तालय ने भी 105 किलोवॉट की सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट की शुरूआत की है।

अपूर्वा नायक

Amravati News In Hindi: ऊर्जा की बचत और पर्यावरण संरक्षण हेतु अमरावती पुलिस आयुक्तालय एवं कार्यालय परिसर में 105 किलोवाट की सौर ऊर्जा परियोजना शुरू की गई है।

लगभग 72 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस परियोजना के कारण पुलिस व्यवस्था अब पारंपरिक बिजली पर कम निर्भर होगी। इससे बिजली की लागत में भारी बचत होगी और अमरावती पुलिस विभाग की यह पहल पूरे राज्य के लिए एक आदर्श बन गई है।

71.76 लाख रुपये की राशि उपलब्ध

सौर ऊर्जा परियोजना के माध्यम से पूरे आयुक्तालय कार्यालय एवं परिसर का विद्युतीकरण किया गया है। साथ ही, पुलिस परेड ग्राउंड में 9 मीटर ऊंची तीन एलईडी हाईमास्ट लाइटें लगाई गई हैं, जिससे आयुक्तालय परिसर रात में जगमगाता और सुरक्षित हो गया है। इस पूरी परियोजना के लिए जिला योजना समिति योजना से 71.76 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इस परियोजना के माध्यम से सौर ऊर्जा के उपयोग से भविष्य में बिजली की लागत में काफी बचत होगी। पर्यावरण-अनुकूल तकनीक, हरित ऊर्जा और सतत विकास के एक आदर्श उदाहरण के रूप में अमरावती पुलिस विभाग की यह पहल पूरे राज्य के लिए प्रेरणादायी होगी।

6 माह का लगा समय

परियोजना की कुल क्षमता 105 किलोवाट है और यह ट्रांसमिशन से जुड़ी सौर परियोजनाओं की श्रेणी में आती है। यह परियोजना जिला योजना समिति से प्राप्त 71.61 लाख रुपये की निधि से स्थापित की गई है और इसे पूरा करने में छह महीने का समय लगा है। इस सौर परियोजना के कार्यान्वयन के बाद, पारंपरिक बिजली की लागत में उल्लेखनीय कमी आई है।

सितंबर में बिजली बिल खर्च 290 रुपए

परियोजना से पहले आयुक्तालय की मासिक बिजली लागत 1 लाख 2 हजार से 2 लाख 7 हजार रुपए थी। हालांकि, सितंबर 2025 के बिजली बिल में यह लागत केवल 290 रुपए दर्ज की गई है। जानकारी के अनुसार, पुलिस विभाग को सालाना लगभग 15 लाख 74 हजार रुपए की बचत होगी। साथ ही सालाना लगभग 138 से 153 मीट्रिक टन कार्बन (CO₂) उत्सर्जन में कमी आएगी।

सरकारी संस्थाओं के लिए प्रेरणादायी

अमरावती पुलिस आयुक्तालय द्वारा 'स्मार्ट और ग्रीन गवर्नेंस' की दिशा में उठाया गया यह कदम अन्य सरकारी संस्थानों के लिए भी प्रेरणादायी होगा। ‘ग्रीन एनर्जी - सुरक्षित भविष्य’ की अवधारणा को बल देने वाली यह परियोजना केवल एक प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि एक सफल सफलता की कहानी है।

6G की वैश्विक दौड़ में शामिल हुआ भारत, अमेरिका समेत 24 देशों से मिलाया हाथ, डेटा सेंटर्स पर भी चर्चा

MBA Admission 2027: CAT से XAT तक टॉप एंट्रेंस एग्जाम की पूरी लिस्ट, जानें डेट और योग्यता

Delhi Building Collapse Live: PG मालिक के बाद पत्नी-बेटा भी अरेस्ट, सत्य निकेतन में 27 घंटे बाद रेस्क्यू खत्म

Weather Forecast: दिल्ली-यूपी समेत 17 राज्यों में मौसम बिगड़ेगा, बारिश के साथ आंधी-तूफान का अलर्ट जारी

क्या नेपाल, भूटान या पाकिस्तान के नागरिक दे सकते हैं UPSC सिविल सेवा परीक्षा? जानिए पूरा नियम