Balapur Local News: पिछले डेढ़दो महीने से नागरिकों को गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। अब यही स्थिति पेट्रोल पंपों पर भी दिखाई दे रही है, जहां पेट्रोल -डीजलके लिए वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। शहरी क्षेत्रों की तरह ग्रामीण इलाकों में भी यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। नागरिकों का सवाल है कि क्या यही अच्छे दिन हैं। गैस सिलेंडर की पंजीयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो रहे, जिससे लोगों को वितरक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
नो स्टॉक का बोर्ड लगा पेट्रोल पंपों पर कभी डीज़लपेट्रोल उपलब्ध नहीं का बोर्ड दिखाई देता है तो कभी अपर्याप्त स्टॉक के कारण लंबी कतारें लग जाती हैं। डीजल की कमी से परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विशेष रूप से खेती के कामों पर इसका सीधा असर पड़ा है।
बुआई पूर्व मशक्कत का काम ट्रैक्टरों से होता है, लेकिन डीज़ल न मिलने से किसानों के काम ठप पड़ गए हैं। महंगाई की मार झेल रही जनता अब ईंधन की कमी से और अधिक परेशान है। राज्य सरकार बारबार दावा कर रही है कि डीज़ल-पेट्रोल की कहीं कोई कमी नहीं है, लेकिन पंपों पर हकीकत कुछ और ही दिखाई देती है।
शिव सर्वो सर्विसेस वाडेगांव संचालक दीपकसेठ मसने ने बताया कि नागरिकों का कहना है कि सरकार की लापरवाही से आम जनता त्रस्त है। पर्याप्त स्टाक नहीं आवश्यकतानुसार डीज़लपेट्रोल की आपूर्ति नहीं हो रही है। जो थोड़ा बहुत स्टॉक मिलता है, उसी का वितरण किया जा रहा है। इस स्थिति के लिए सरकार ही जिम्मेदार है। इस संकट ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नागरिकों को गहरी चिंता में डाल दिया है।