Akola Municipal Corporation: अकोला शहर में ठोसकचरा प्रबंधन की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। इस बीच महानगरपालिका को कचरा संकलन के लिए लगातार दूसरी बार भी कोई ठेकेदार नहीं मिलने के कारण अब तीसरी बार निविदा जारी करनी पड़ी है। यह निविदा 24 जुलाई को खोली जाएगी, जिस पर प्रशासन और शहरवासियों की नजरें टिकी हैं।
मनपा की ओर से घंटागाड़ियों के माध्यम से शहर से प्रतिदिन निकलने वाले ठोस कचरे को एकत्र कर ग्राम भोड स्थित डंपिंग यार्ड एवं प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की गई थी।
पहली निविदा में केवल दो ठेकेदारों ने भाग लिया, जबकि सरकारी नियमों के अनुसार प्रक्रिया वैध होने के लिए कम से कम तीन निविदाएं आवश्यक हैं। इसी कारण पहली निविदा तकनीकी आधार पर रद्द करनी पड़ी। इसके बाद दूसरी बार निविदा जारी की गई, लेकिन इस बार एक भी ठेकेदार आवेदन नहीं किया। लगातार दो बार असफल रहने के बाद अब मनपा ने ने तीसरी बार निविदा जारी कर इच्छुक ठेकेदारों को सात दिन का समय दिया है।
24 जुलाई को निविदा खुलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शहर में कचरा संकलन की व्यवस्था सुचारु ह पाएगी या नहीं। जानकारी के अनुसार शहर से प्रतिदिन लगभग 250 मीट्रिक टन कचरा उठाया जाता है। बढ़ती ईधन कीमतें, मजदूरी खर्च और प्रति मीट्रिक टन परिवहन के लिए मनपा द्वार निर्धारित अपेक्षाकृत कम दरों के कारण यह कार्य ठेकेदारों के लिए आर्थिक रूप से लाभदायक नहीं माना जा रहा है यही वजह है कि कई ठेकेदार इस कार से दूरी बनाए हुए हैं।
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इस संदर्भ में मनपा में सहायक आयुक्त गणेश शहाणे ने बताया कि घनकचरा संकलन के लिए दो बार निविदा जारी की गई थी, लेकिन अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिला। इसलिए तीसरी बार निविदा प्रकाशित कन ठेकेदारों को सात दिन का समय दिया गया है। 24 जुलाई को निविदा खुलने के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।